Edited By Ramkesh,Updated: 21 Mar, 2026 03:22 PM

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में इस बार ईद का माहौल सामान्य उत्साह के बजाय सादगी और ग़म में डूबा नजर आया। शहर के कई इलाकों में लोगों ने त्योहार को बेहद शांत और संयमित तरीके से मनाया।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में इस बार ईद का माहौल सामान्य उत्साह के बजाय सादगी और ग़म में डूबा नजर आया। शहर के कई इलाकों में लोगों ने त्योहार को बेहद शांत और संयमित तरीके से मनाया।

बताया जा रहा है कि अयातुल्लाह सैय्यद अली खामनेई की कथित शहादत की खबरों के बाद मुस्लिम समुदाय में शोक की लहर देखने को मिली। इसका असर राजधानी की ईदगाहों और मस्जिदों में भी साफ दिखाई दिया। शहर की प्रमुख मस्जिदों, खासकर आसिफी मस्जिद समेत अन्य इबादतगाहों में नमाज अदा करने पहुंचे लोगों ने काली पट्टी बांधकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।

इस दौरान न तो त्योहार जैसा उत्साह दिखा और न ही जश्न का माहौल, बल्कि हर ओर सादगी और मातम का दृश्य नजर आया। नमाज के बाद लोगों ने देश और दुनिया में अमन, भाईचारे और शांति के लिए दुआएं मांगीं। हालांकि, कुछ लोगों ने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को लेकर अपनी भावनाएं भी व्यक्त कीं।

वहीं, सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। शहर के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और हर गतिविधि पर नजर रखी गई, ताकि त्योहार के दौरान शांति व्यवस्था बनी रहे। कुल मिलाकर, इस बार लखनऊ में ईद का स्वरूप पारंपरिक खुशियों के बजाय सादगी, संवेदनशीलता और शांति की दुआओं के साथ देखने को मिला।