श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद मामला: कोर्ट में 10 दिसंबर तक टली सुनवाई

Edited By Umakant yadav,Updated: 18 Nov, 2020 03:07 PM

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उत्तर प्रदेश के मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद मामले की सुनवाई को जिला कोर्ट ने 10 दिसंबर तक टाल दी है। कोर्ट की तरफ से जारी नोटिस का जवाब दाखिल करने के लिए ट्रस्ट मस्जिद ईदगाह कमेटी

मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद मामले की सुनवाई को जिला कोर्ट ने 10 दिसंबर तक टाल दी है। कोर्ट की तरफ से जारी नोटिस का जवाब दाखिल करने के लिए ट्रस्ट मस्जिद ईदगाह कमेटी, सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और श्रीकृष्ण जन्मभूमि सेवा संघ ने कोर्ट से समय मांगा। जिसके बाद कोर्ट ने ये आदेश दिया।

कोर्ट ने दोनों पक्षों को दिया था नोटिस
बता दें कि 16 अक्टूबर को जिला जज की अदालत ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि की 13.37 एकड़ भूमि के स्वामित्व के मामले में सुनवाई करते हुए याचिका स्वीकार की थी। इस दौरान कोर्ट ने वादी और प्रतिवादी दोनों पक्षों को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस दिया था। भगवान श्रीकृष्ण विराजमान द्वारा अपनी जन्मभूमि पर मालिकाना हक प्राप्त करने के लिए सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में दावा किया गया था, जिसकी सुनवाई में दावा दाखिल नहीं हुआ था। इसके बाद उनके अधिवक्ताओं ने जिला जज की अदालत में दावा पेश किया। जहां इसे स्वीकार कर लिया गया।

18 नवंबर को कोर्ट में हाजिर होने का था आदेश
कोर्ट ने प्रतिवादी श्रीकृष्ण जन्मभूमि सेवा संस्थान सचिव, प्रबंध न्याची श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट और ईदगाह ट्रस्ट को प्रतिवादी बनाया था। पिछली तारीख को न्यायालय ने सभी को 18 नवंबर को हाजिर होने के लिए कहा था।

जानिए, अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा की राय
वहीं अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के अध्यक्ष महेश पाठक ने कहा कि हम नहीं चाहते कि राम जन्मभूमि मुद्दे के बाद अब इस मामले को तूल दिया जाए। यहां लोग मंदिर-मस्जिद मुद्दे के बजाय विकास और रोजगार सृजन चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि यथास्थिति बनी रहे। अनावश्यक तौर पर उठाया गया यह मुद्दा शहर में सांप्रदायिक अशांति पैदा कर सकता है।

ये है मामला?
गौरतलब है कि याचिका में शाही मस्जिद को हटाने की मांग करते हुए दावा किया गया है कि मंदिर के 13.37 एकड़ के परिसर में स्थित मस्जिद भगवान कृष्ण के जन्मस्थान पर बनाई गई है। याचिका को निचली अदालत में खारिज कर दिया गया था, जिसके बाद जिला अदालत में याचिका दायर की गई। जिला न्यायाधीश साधना रानी ठाकुर द्वारा मामले की अगली सुनवाई के लिए 10 दिसंबर की तिथि निर्धारित की गई है।

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