'भाजपाई बोलें तो हार्ट टू हार्ट, सपाई बोलें तो हेट टू हेट'… प्रयागराज में सपा के छात्र नेता ने लगाया विवादित पोस्टर

Edited By Mamta Yadav,Updated: 04 Jun, 2025 07:22 PM

sp student leader put up a controversial poster in prayagraj

समाजवादी छात्रसभा के नेता सद्दाम अंसारी की ओर से शहर के जार्जटाउन में एक विवादित पोस्टर लगाया है। इसमें भाजपा और सपा के उन चार नेताओं के चित्र को दर्शाया गया है जो भड़काऊ भाषण देने के मामले में चर्चा में रहे। पोस्टर में लिखा गया है कि बीजेपी के...

Prayagraj News, (सैय्यद आकिब रजा): समाजवादी छात्रसभा के नेता सद्दाम अंसारी की ओर से शहर के जार्जटाउन में एक विवादित पोस्टर लगाया है। इसमें भाजपा और सपा के उन चार नेताओं के चित्र को दर्शाया गया है जो भड़काऊ भाषण देने के मामले में चर्चा में रहे। पोस्टर में लिखा गया है कि बीजेपी के नेताओं के भड़काऊ बयान पर कार्यवाही नहीं जबकि सपा के मुस्लिम नेताओं पर कार्यवाही की गई। सज़ा हुई और विधानसभा सदस्य्ता भी खत्म हुई।
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बीजेपी सरकार पर भड़काऊ भाषणों में दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप
सपा के छात्र नेता और कामरेड समाजवादी पार्टी छात्र सभा के प्रमुख जिला महासचिव सद्दाम अंसारी के पोस्टर ने बीजेपी सरकार पर भड़काऊ भाषणों में दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। पोस्टर में बीजेपी नेताओं के विवादित बयानों को "हार्ट टू हार्ट" और सपा नेताओं के बयानों को "हेट टू हेट" करार दिया गया है। पोस्टर को दो भागों में बांटा गया है। एक तरफ नूपुर शर्मा, विजय शाह, रमेश बिधोड़ी और अनुराग ठाकुर जैसे भाजपा नेताओं की तस्वीरें हैं। दूसरी तरफ अब्बास अंसारी, आजम खान, अफजल अंसारी और इरफान सोलंकी जैसे विपक्षी नेताओं की तस्वीरें हैं। पोस्टर का मुख्य संदेश है कि भाजपा नेताओं और विपक्षी नेताओं के बयानों पर अलग-अलग तरह की कार्रवाई की जाती है। सपा के जॉर्ज टाउन स्थित कार्यालय के बाहर लगाए गए पोस्टर ने उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल मचा दी है। पोस्टर के माध्यम से योगी सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए गए हैं।

क्या भड़काऊ भाषण देने पर सिर्फ मुसलमानों की ही सदस्यता रद्द होती है?
सपा नेता ने नूपुर शर्मा और अनुराग ठाकुर के बयानों को भड़काऊ बताते हुए सवाल उठाया है कि इनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई। वहीं, सपा नेताओं जैसे अब्बास अंसारी, जिन्हें 2022 में मऊ में एक जनसभा के दौरान भड़काऊ भाषण देने के लिए दो साल की सजा सुनाई गई थी, और आजम खान, जिन्हें 2019 के एक भाषण के लिए तीन साल की सजा मिली थी, की सदस्यता रद्द कर दी गई। उन्होंने लिखा है, “भाजपा सरकार बताए कि आपत्तिजनक टिप्पणी का क्या मापदंड होता है? क्या आपत्तिजनक टिप्पणी देने पर सिर्फ मुसलमानों की सदस्यता रद्द होती है?”


 

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