Edited By Ramkesh,Updated: 22 Jan, 2026 08:40 PM

माघ मेला–2026 के दौरान मौनी अमावस्या पर संगम स्नान को लेकर ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच चल रही खींचतान के बीच अब यह मामला नया मोड़ लेता नजर आ रहा है। एक ओर प्रशासन ने शंकराचार्य को नोटिस जारी कर 24 घंटे के...
प्रयागराज: माघ मेला–2026 के दौरान मौनी अमावस्या पर संगम स्नान को लेकर ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच चल रही खींचतान के बीच अब यह मामला नया मोड़ लेता नजर आ रहा है। एक ओर प्रशासन ने शंकराचार्य को नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर जवाब तलब किया है, वहीं दूसरी ओर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बयान ने पूरे विवाद को शांत स्वर देने की कोशिश की है।
दरअसल, मौनी अमावस्या के दिन पालकी पर सवार होकर संगम स्नान के लिए जाने को लेकर प्रशासन और शंकराचार्य के बीच मतभेद सामने आए थे। इसी क्रम में प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किया गया, जिसके बाद मामला तूल पकड़ने लगा। इस पूरे प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “पूज्य शंकराचार्य जी के चरणों में प्रणाम है। वह बढ़िया स्नान करें। उनसे प्रार्थना है कि इस विषय का समापन करें।
डिप्टी सीएम के इस बयान को प्रशासनिक सख्ती और धार्मिक मर्यादा के बीच संतुलन बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। अब निगाहें शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के जवाब और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।