सम्राट मिहिर भोज की जाति 'बदलने' का सपा और बसपा ने किया विरोध

Edited By PTI News Agency,Updated: 26 Sep, 2021 09:33 PM

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लखनऊ, 26 सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के प्रमुख विपक्षी दलों समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने सम्राट मिहिर भोज की जाति को लेकर उठे विवाद के सिलसिले में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर रविवार को निशाना साधा।

लखनऊ, 26 सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के प्रमुख विपक्षी दलों समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने सम्राट मिहिर भोज की जाति को लेकर उठे विवाद के सिलसिले में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर रविवार को निशाना साधा।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सम्राट मिहिर भोज की जाति को लेकर उपजे विवाद में दखल देते हुए भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि सम्राट मिहिर भोज गुर्जर-प्रतिहार थे लेकिन सत्तारूढ़ दल ने तो उनकी जाति ही बदल दी, यह निंदनीय है।

सपा प्रमुख ने रविवार को ट्वीट किया, ''यह इतिहास में पढ़ाया जाता रहा है कि सम्राट मिहिर भोज गुर्जर-प्रतिहार थे पर भाजपाइयों ने उनकी जाति ही बदल दी है। निंदनीय!''
अखिलेश ने यह भी कहा, ''छल वश भाजपा स्थापित ऐतिहासिक तथ्यों से जानबूझ कर छेड़छाड़ व सामाजिक विघटन करके किसी एक पक्ष को अपनी तरफ करती रही है। हम हर समाज के मान-सम्मान के साथ हैं!''
बसपा अध्यक्ष मायावती ने भी सम्राट मिहिर भोज की हाल में अनावृत प्रतिमा पर उनके नाम के आगे गुर्जर नहीं लगे होने पर नाराजगी जाहिर की है।

उन्होंने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा, ‘‘22 सितंबर 2021 को गुर्जर सम्राट मिहिर भोज की (गौतमबुद्ध नगर जिले के) दादरी में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लगाई गई प्रतिमा का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुर्जर शब्द हटी हुई स्थिति में उसका अनावरण किया है जिससे गुर्जर समाज की भावनाओं को जबरदस्त ठेस पहुँची है और वे काफी दुःखी तथा आहत हैं।’’
मायावती ने इसी सिलसिले में एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘इतना ही नहीं बल्कि गुर्जर समाज के इतिहास के साथ ऐसी छेड़छाड़ करना अति-निन्दनीय। सरकार इसके लिए माफी माँगे व साथ ही प्रतिमा में इस शब्द को तुरन्त जुड़वाये। बसपा की यह मांग है।’’
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले इस मामले में समाजवादी पार्टी ने प्रतिक्रिया व्यक्त कर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में प्रभावी गुर्जर बिरादरी को साधने की पहल की है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 22 सितंबर को दादरी के मिहिर भोज पीजी कॉलेज में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा के अनावरण के दौरान शिलापट्ट से गुर्जर शब्द हटाने को लेकर गुर्जर समाज के लोग विरोध में उतर आए और रविवार को कॉलेज में महापंचायत का ऐलान किया।

दादरी के मिहिर भोज पीजी कॉलेज में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा के अनावरण को लेकर गुर्जर और राजपूत (क्षत्रिय) समाज आमने सामने थे। हालांकि, मुख्यमंत्री के दौरे से पहले दोनों समुदाय के प्रतिनिधियों ने एक मंच पर आकर विवाद खत्म कर दिया था। इसके बाद प्रतिमा अनावरण के लिए लगने वाले शिलापट्ट पर गुर्जर शब्द को लेकर राजनीति शुरू हुई।

मुख्यमंत्री योगी के जाने के बाद लोगों की भीड़ शिलापट्ट से गुर्जर शब्द हटा देखकर भड़क गई। आक्रोशित भीड़ ने जमकर हंगामा किया और दादरी विधायक तेजपाल नागर के खिलाफ नारेबाजी की। अब समुदाय के लोगों ने गुर्जर शब्द हटाने के विरोध में आज महापंचायत का ऐलान किया है। अखिल भारतीय गुर्जर फ्रंट के अध्यक्ष नवीन भाटी ने बताया कि शिलापट्ट से गुर्जर शब्द हटाकर समुदाय के लोगों के साथ धोखा किया गया है।


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