Edited By Ramkesh,Updated: 09 Feb, 2026 07:53 PM

हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता तौकीर निजामी का एक बयान सियासी विवाद का कारण बन गया है। भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान तौकीर निजामी ने मुस्लिम समुदाय को लेकर आपत्तिजनक...
यूपी डेस्क: हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता तौकीर निजामी का एक बयान सियासी विवाद का कारण बन गया है। भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान तौकीर निजामी ने मुस्लिम समुदाय को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मुसलमान तीन प्रकार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए तौकीर निजामी ने कहा कि मुसलमान तीन प्रकार के होते हैं। उन्होंने आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए दावा किया कि एक वर्ग कांग्रेस में, जो ‘जूते चाटने वाल है, दूसरा भाजपा में और तीसरा एआईएमआईएम में पाया जाता है। उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि आजादी के बाद से कांग्रेस ने मुसलमानों से केवल “गुलामी” करवाई है और उन्हें झंडा लगाने व दरी बिछाने तक सीमित रखा।
कांग्रेस मुसलमानों से सौ फीसदी वोट मांगती
निजामी ने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस मुसलमानों से सौ फीसदी वोट मांगती है, लेकिन राजनीतिक हिस्सेदारी के नाम पर उन्हें केवल दो सीटें देती है। उन्होंने दावा किया कि मुसलमानों को उनका वास्तविक अधिकार केवल एआईएमआईएम के मंच से ही मिल सकता है।
बिहार में एआईएमआईएम के पांच विधायक जीते
एआईएमआईएम को मुस्लिम समुदाय को “गुलामी से बाहर निकालने वाला एकमात्र विकल्प” बताते हुए तौकीर निजामी ने बिहार और महाराष्ट्र का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में एआईएमआईएम के टिकट पर पांच विधायक चुने गए हैं, जबकि महाराष्ट्र में पार्टी के 125 पार्षद जीत दर्ज कर चुके हैं।
ओवैसी बंधु का बयान हिंसा भड़काने वाला
इस बयान पर मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस तरह की भाषा और बयानबाजी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सारंग ने आरोप लगाया कि ओवैसी बंधु और उनकी पार्टी के नेता समाज में हिंसा भड़काने वाली राजनीति करते हैं। गौरतलब है कि तौकीर निजामी इससे पहले वर्ष 2022 में भी चर्चा में आए थे, जब उन्होंने पार्टी की सदस्यता बढ़ाने के लिए बिरयानी और नाश्ता बांटने का कार्यक्रम आयोजित किया था। ताजा बयान के बाद एक बार फिर उनकी बयानबाजी को लेकर राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।