Edited By Pooja Gill,Updated: 04 Jan, 2026 02:00 PM

वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज 72वें राष्ट्रीय वॉलीबॉल टूर्नामेंट में वीडियो काॅन्फ्रेंसिंंग के जरिए शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज पूर्वांचल समेत पूरे देश में खेलों को लेकर नया जोश है...
वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज 72वें राष्ट्रीय वॉलीबॉल टूर्नामेंट में वीडियो काॅन्फ्रेंसिंंग के जरिए शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज पूर्वांचल समेत पूरे देश में खेलों को लेकर नया जोश है। अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में राष्ट्रीय वॉलीबॉल टूर्नामेंट का उद्घाटन कर अत्यंत प्रसन्न हूं। प्रधानमंत्री ने कहा कि बहुत कम युवा स्पोट्र्स को कैरियर के रूप में अपनाते थे। लेकिन बीते दशक में स्पोट्र्स को लेकर सरकार ने बजट काफी बढ़ा दिया है। आज भारत का खेल मॉडल एथलीट-केन्द्रित हो गया है।
'आज देश रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है'
पीएम मोदी ने कहा, टैलेंट की पहचान, वैज्ञानिक ट्रेनिंग, खिलाड़ियों के पोषण का ध्यान और पारदर्शी चयन-अब हर स्तर पर खिलाड़ियों के हितों को सर्वोपरि रखा जाता है। आज देश रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है। देश का हर सेक्टर, हर डेवलपमेंट डेस्टिनेशन इस रिफॉर्म एक्सप्रेस से जुड़ रहा है। स्पोट्र्स का डेस्टिनेशन भी इनमें से एक है। स्पोट्र्स सेक्टर में भी सरकार ने बड़े रिफॉर्म किए हैं। नेशनल स्पोट्र्स गवर्नेंस एक्ट और खेलो भारत नीति 2025 जैसे प्रावधानों से सही टैलेंट को अवसर मिल रहा है।
मेरी ओर से सभी खिलाड़ियों का स्वागत हैः मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि काशी के सांसद के नाते मेरी ओर से सभी खिलाड़ियों का स्वागत है। 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में आप कड़ी मेहनत से पहुंचे हैं। काशी के मैदान में आपकी कड़ी परीक्षा होगी। आप सभी लोग ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की सुंदर तस्वीर प्रस्तुत करेंगे। बनारसी भाषा में कहा जाता है कि बनारस को जानना है तो बनारस आना होगा। यह खेल-प्रेमियों का शहर है; कुश्ती, नौका दौड़, मुक्केबाजी यहां मशहूर हैं। काशी ने कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं।
'वॉलीबॉल साधारण खेल नहीं है, यह संतुलन का खेल है'
पीएम ने कहा कि मुझे विश्वास है कि इस चैंपियनशिप के दौरान जोश हाई रहेगा। वॉलीबॉल साधारण खेल नहीं है, यह संतुलन का खेल है, संकल्प का खेल है। बॉल को हमेशा ऊपर ही उठाना होता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं तो भारत की डेवलपमेंट स्टोरी और वॉलीबॉल को एक जैसा देखता हूं। टीम का को-ऑडिर्नेशन जरूरी होता है। टीम का हर सदस्य अपनी जिम्मेदारी निभाता है। देश के विकास में भी यही दिखाई पड़ता है। डिजिटल पेमेंट से लेकर हर क्षेत्र में ऐसी भावना दिखाई पड़ती है। जब देश विकास करता है तो यह आर्थिक मोर्चे तक सीमित नहीं रहता, बल्कि खेल के मैदान पर भी यही झलकता है।