खोया मोबाइल पुन: पाकर खिल गये चेहरे, नोएडा पुलिस को लोगों ने दिया धन्यवाद

Edited By Ramkesh,Updated: 02 Mar, 2026 08:33 PM

people s faces lit up after finding their lost mobile phones and they thanked

त्तर प्रदेश के सेंट्रल नोएडा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 111 गुमशुदा और कीमती स्माटर्फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे है। इस कार्रवाई को पुलिस आयुक्त के निर्देशन में अंजाम दिया गया।

नोएडा: उत्तर प्रदेश के सेंट्रल नोएडा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 111 गुमशुदा और कीमती स्माटर्फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे है। इस कार्रवाई को पुलिस आयुक्त के निर्देशन में अंजाम दिया गया। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सेन्ट्रल नोएडा पुलिस उपायुक्त शक्ति मोहन अवस्थी के नेतृत्व में, अपर पुलिस उपायुक्त आरके गौतम और सहायक पुलिस आयुक्त उमेश यादव के निकट पर्यवेक्षण में सर्विलांस सेल सेन्ट्रल नोएडा और फेस दो थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने यह सफलता हासिल की। 

उन्होंने बताया कि बरामद किए गए सभी मोबाइल अलग-अलग कंपनियों के थे। इन्हें केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर (सीईआईआर) पोटर्ल और आधुनिक सर्विलांस तकनीक की मदद से पता लगाया गया। पुलिस की तकनीकी दक्षता और त्वरित कारर्वाई से कम समय में बड़ी संख्या में मोबाइल बरामद किए जा सके। नोएडा फेस तीन थाना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सभी 111 मोबाइल उनके मालिकों को विधिवत सुपुर्द किए गए।

 मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने पुलिस की सराहना की। जांच में सामने आया कि अधिकांश मोबाइल लापरवाही और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर असावधानी के चलते गुम हुए। जिसमें अधिकतर सब्जी और साप्ताहिक बाजारों में खरीदारी के दौरान गिर जाना और ऑटो, टैक्सी, बस तथा मेट्रो में सफर के दौरान छूट जाना, मोटरसाइकिल चलाते समय ढीली जेब से ब्रेकर पर गिर जाना, पाकरं में खेलते या व्यायाम करते समय भूल जाना, शादी-बारात में नृत्य के दौरान गिर जाना, नशे की हालत में कहीं छूट जाना, बड़े आयोजनों की भीड़ में गिर जाना, मंदिर, मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारों में छूट जाना, बच्चों द्वारा गेम खेलते समय रखकर भूल जाना मुख्य रूप से शामिल थे।

पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल गुम होने पर तुरंत संबंधित थाने में सूचना दें और (सीईआईआर) पोटर्ल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते मोबाइल को ब्लॉक कर उसका पता लगाया जा सके। यह कार्रवाई न केवल पुलिस की सक्रियता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि तकनीक के सही उपयोग से आम नागरिकों की बड़ी समस्याओं का समाधान संभव है। 
 

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