Israel-Iran War से UP का यूरोप से कारोबार लड़खड़ाया! दांव पर लगा हजारों करोड़, खाड़ी देशों से ऑर्डर रुके होने से भारी नुकसान

Edited By Purnima Singh,Updated: 13 Mar, 2026 05:55 PM

israel iran war hampers up s trade with europe

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात का असर अब भारत के निर्यात कारोबार पर भी पड़ने लगा है। खासकर उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर का चमड़ा उद्योग इससे बुरी तरह प्रभावित हुआ है। खाड़ी देशों में अनिश्चितता के कारण कई विदेशी खरीदारों ने...

कानपुर (प्रांजुल मिश्रा) : मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात का असर अब भारत के निर्यात कारोबार पर भी पड़ने लगा है। खासकर उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर का चमड़ा उद्योग इससे बुरी तरह प्रभावित हुआ है। खाड़ी देशों में अनिश्चितता के कारण कई विदेशी खरीदारों ने अपने ऑर्डर फिलहाल रोक दिए हैं, जिससे निर्यातकों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।

सैकड़ों करोड़ के ऑर्डर रुके
व्यापारियों के मुताबिक दुबई, यूएई और ओमान जैसे देशों के लिए भेजे जाने वाले बड़े ऑर्डर अचानक होल्ड पर चले गए हैं। केवल दो दिनों के भीतर ही कानपुर के करीब 500 करोड़ रुपये से अधिक के निर्यात ऑर्डर रुक गए हैं। वहीं चमड़ा उद्योग से जुड़े कुल मिलाकर करीब 1,000 करोड़ रुपये के ऑर्डर प्रभावित होने की बात सामने आ रही है।

ईद के सीजन पर पड़ा असर
खाड़ी देशों में ईद के दौरान भारतीय उत्पादों की मांग हर साल बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए कानपुर के कई निर्यातकों ने पहले से ही बड़े ऑर्डर ले रखे थे और फैक्ट्रियों में उत्पादन तेज कर दिया गया था। यहां से बड़ी मात्रा में चमड़े के जूते, सेफ्टी शूज, बैग, बेल्ट और अन्य लेदर उत्पाद गल्फ देशों में भेजे जाते हैं। लेकिन मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण विदेशी खरीदारों ने फिलहाल अपने ऑर्डर रोक दिए हैं और कुछ जगहों पर शिपमेंट भी अटक गए हैं।

नए ऑर्डर मिलने पर भी असर
निर्यातकों का कहना है कि मौजूदा हालात उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण बन गए हैं। यूएई, दुबई और ओमान लंबे समय से भारतीय चमड़ा उत्पादों के बड़े बाजार रहे हैं, लेकिन फिलहाल इन देशों से नए ऑर्डर मिलने की रफ्तार धीमी पड़ गई है।

आगे और नुकसान की आशंका
व्यापार जगत से जुड़े लोगों का अनुमान है कि अगर हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो आने वाले 10 से 15 दिनों में भारतीय निर्यातकों को 1,500 से 2,000 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है। कानपुर के चमड़ा निर्यातकों का कहना है कि इस संकट से उबरने में उद्योग को कई महीने लग सकते हैं। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय हालात पर नजर रखते हुए व्यापारी आगे की रणनीति तय करने में जुटे हैं।

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