Edited By Ramkesh,Updated: 10 Jan, 2026 03:53 PM

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के मलकाजगिरी स्थित सरकारी जूनियर कॉलेज से मानताव को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। जिसने सभी को झकझोर दिया है। बताया जा रहा है कि यहां पर एक छात्रा कॉलेज में लेट पहुंची। आरोप है कि
यूपी डेस्क: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के मलकाजगिरी स्थित सरकारी जूनियर कॉलेज से मानताव को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। जिसने सभी को झकझोर दिया है। बताया जा रहा है कि यहां पर एक छात्रा कॉलेज में लेट पहुंची। आरोप है कि लेक्चरर्स ने वर्शिनी से लेट होने का कारण पूछा। छात्रा बोली पीरियड्स हो रहे हैं, इसलिए उसे देर हो गई। इस पर लेक्चरर्स ने उससे कहा कि पीरियड हो रहा है तो सबूत दो... उसके बाद क्लास रुम में उसे इतने ताने मारे की वह उसे वदार्शत नहीं कर पाई। मौके पर छात्रा वेहोश हो गई जब परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे तब तक उसकी मौत हो गई। उसके दिमाग में खून का थक्का जम गया था! माता-पिता का कहना है कि उसकी मौत बेइज्जती और तनाव की वजह से हुई।
मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप
छात्रा की संदिग्ध मौत ने पूरे सिस्ट पर सवाल खड़े कर दिए है। लोगों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन के नाम पर अपनाए जा रहे तरीकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इंटरमीडिएट की छात्रा वर्षिनी की मौत के बाद परिजनों ने कॉलेज की दो महिला लेक्चरर्स पर मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं।
लेक्चरर्स ने छात्रा से पूछे आपत्तिजनक सवाल
परिजनों के अनुसार, वर्षिनी एक दिन कॉलेज कुछ देर से पहुंची थी। इसी बात को लेकर कॉलेज की लेक्चरर्स श्री लक्ष्मी और मधुरिमा ने उसे कथित तौर पर पूरी कक्षा के सामने खड़ा कर अपमानित किया। आरोप है कि लेक्चरर्स ने छात्रा से उसकी निजता से जुड़े आपत्तिजनक सवाल पूछे, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गई।
मौत का कारण ब्रेन स्ट्रोक
बताया जा रहा है कि कॉलेज से घर लौटने के बाद वर्षिनी गहरे तनाव में थी। वह बार-बार उस घटना को याद कर रही थी और शाम को अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी। परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट में मौत का कारण ब्रेन स्ट्रोक बताया गया है।
आरोपी लेक्चरर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के बाद छात्र संगठनों और परिजनों में भारी आक्रोश देखा गया। कॉलेज के बाहर प्रदर्शन कर आरोपी लेक्चरर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई और बर्खास्तगी की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस तरह का व्यवहार न केवल अमानवीय है बल्कि छात्राओं की मानसिक सेहत के लिए बेहद खतरनाक है।
लेक्चरर्स के खिलाफ मामला दर्ज
मारेडपल्ली पुलिस इंस्पेक्टर वेंकटेश ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार छात्रा की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है और घटना घर पर घटी। पुलिस के अनुसार कॉलेज प्रशासन की सीधी भूमिका सामने नहीं आई है, फिर भी परिजनों की शिकायत पर लेक्चरर्स के खिलाफ बीएनएस की धारा 194 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।