Edited By Mamta Yadav,Updated: 19 Sep, 2025 02:21 AM

महायोगी गोरक्षनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर (MGUG) के अंतर्गत संचालित गुरु श्री गोरक्षनाथ इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़, आयुर्वेद कॉलेज के सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन का चयन भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा (IKS – Indian...
Gorakhpur News: महायोगी गोरक्षनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर (MGUG) के अंतर्गत संचालित गुरु श्री गोरक्षनाथ इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़, आयुर्वेद कॉलेज के सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन का चयन भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा (IKS – Indian Knowledge System) शोध केंद्र के रूप में किया गया है। यह निर्णय आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में गोरखपुर को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाला माना जा रहा है।
यह केंद्र ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में जनजागरूकता पर देगा जोर
इसकी जानकारी देते हुए डॉ. गिरिधर वेदांतम ने बताया कि यह केंद्र वैदिक, दार्शनिक एवं संज्ञानात्मक विज्ञानों को भैषज्य (चिकित्सा) एवं आरोग्य विज्ञान के साथ समन्वित कर नवीन शोध कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि इससे भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के संरक्षण, संवर्धन और वैश्विक पहचान को बल मिलेगा। डॉ. वेदांतम ने बताया कि यह केंद्र ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में जनजागरूकता, छात्र प्रशिक्षण, नवीन शोध परियोजनाएं, और डिजिटल भंडारण जैसे कार्यों पर भी जोर देगा। इसके माध्यम से पारंपरिक चिकित्सा की अमूल्य विधाओं को आधुनिक दस्तावेजीकरण के साथ भविष्य की पीढ़ियों तक पहुंचाया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सुरिंदर सिंह और कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह केंद्र पारंपरिक चिकित्सा में उत्कृष्टता का राष्ट्रीय केंद्र बनेगा। उन्होंने इसे महायोगी गोरक्षनाथ विश्वविद्यालय के चतुर्थ स्थापना दिवस पर मिला एक विशेष उपहार बताया, जो ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ एवं महंत अवेद्यनाथ की पावन स्मृति को समर्पित है।