Edited By Ramkesh,Updated: 22 Jan, 2026 08:12 PM

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लखनऊ की एक विशेष पीएमएलए अदालत में योगेश कुमार तिवारी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। ईडी के सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि विशेष अदालत ने आरोप पत्र का संज्ञान लिया है।यह मामला लोगों से झूठे वायदा कर कई संपत्तियां...
लखनऊ: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लखनऊ की एक विशेष पीएमएलए अदालत में योगेश कुमार तिवारी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। ईडी के सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि विशेष अदालत ने आरोप पत्र का संज्ञान लिया है।यह मामला लोगों से झूठे वायदा कर कई संपत्तियां हस्तांतरित कराने और बाद में उन्हें तीसरे पक्ष को बेचने का है।
ईडी ने अपनी पीएमएलए जांच उत्तर प्रदेश पुलिस की झूंसी, प्रयागराज पुलिस स्टेशन में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की है। इसमें आरोपी ने विकास परियोजना लगाने और भविष्य में वित्तीय लाभ का आश्वासन देकर शिकायतकर्ताओं से कई अचल संपत्तियां हस्तांतरित करायी।
उन्होंने बताया कि जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने खुद को सफल व्यवसायी, प्रॉपर्टी डीलर और बिल्डरों तथा नौकरशाहों से संबंध रखने वाले व्यक्ति के रूप में पेश कर शिकायतकर्ता को धोखा दिया और फर्जी तरीके से बिना उचित भुगतान के पांच अचल संपत्तियां अधिग्रहित कर ली। इनमें से तीन संपत्तियां बाद में तीसरे पक्ष को बेच दी और बिक्री की धनराशि का इस्तेमाल निजी हित में किया। ईडी ने अपराध से अर्जित 1.41 करोड़ रुपये का पता लगाया है। जांच के दौरान ईडी ने 78 लाख रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया।