Bulandshahr News: प्राचीन नागेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी का फरमान- फटी जींस और अमर्यादित वस्त्र पहनकर मंदिर में न करें प्रवेश

Edited By Mamta Yadav,Updated: 09 Aug, 2023 02:16 PM

bulandshahr news decree of the priest of ancient nageshwar mahadev temple

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जनपद के नागेश्वर महादेव मंदिर औरंगाबाद में अब ड्रेस कोड लागू किया गया है। मंदिर के पुरोहित ने फ़टी जीन्स, बरमूडा, मिनी स्कर्ट, नाईट सूट और हाफ पैंट पहनकर मंदिर में नहीं कर सकेंगे। ड्रेस कोड से सम्बंधित पोस्टर मंदिर में जगह...

Bulandshahr News, (वरुण शर्मा): उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जनपद के नागेश्वर महादेव मंदिर औरंगाबाद में अब ड्रेस कोड लागू किया गया है। मंदिर के पुरोहित ने फ़टी जीन्स, बरमूडा, मिनी स्कर्ट, नाईट सूट और हाफ पैंट पहनकर मंदिर में नहीं कर सकेंगे। ड्रेस कोड से सम्बंधित पोस्टर मंदिर में जगह जगह चस्पा किये गए हैं। मंदिर के प्राचीन महत्व और बढ़ती पश्चमी सभ्यता को देखते हुए मंदिर के पुरोहित ने श्रद्धालुओं के लिए ड्रेस कोड लागू किया।
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बता दें कि जनपद बुलंदशहर के औरंगाबाद नगर के प्राचीन नागेश्वर महादेव मंदिर परिसर में अब अमर्यादित कपड़े पहनकर आने वालों को प्रवेश नहीं मिलेगा। मंदिर के पुजारी ने हाफ पेंट, मिनी स्कर्ट, नाइट सूट, कटी-फटी जींस आदि पहनकर दर्शन करने आने पर रोक लगाई है। इन निर्देशों के पोस्टर मंदिर परिसर में जगह-जगह लगाए गए हैं। मंदिर प्रशासन जल्द ही इस नियम को लागू करने जा रहा है। इसके लिए शुरुआत में दर्शनार्थियों से अपील की जाएगी। इसके बाद सख्ती बरती जाएगी। औरंगाबाद नगर स्थित प्राचीन नागेश्वर महादेव मंदिर ऐतिहासिक मंदिर में शामिल है। यहां पर वर्षों पूर्व खुदाई में शिवलिंग निकले, जो मंदिर में विराजमान हैं। लोगों का कहना है कि शिवलिंग दिन में समय-समय पर अपना रंग बदलता रहता है। इसलिए यहां पर नगर समेत दूर-दराज के श्रद्धालु दर्शन के लिए आते रहते हैं।
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मंदिर के पुजारी आचार्य कुलदीप शास्त्री ने बताया कि मंदिर परिसर में इस निवेदन के साथ बैनर लगा दिए गए हैं कि भक्त मर्यादित कपड़े पहनकर ही मंदिर में प्रवेश करें। हाफ पैंट, मिनी स्कर्ट, नाइट सूट, कटी-फटी जींस आदि पहनकर मंदिर में प्रवेश न करें। इसके लिए परिसर में कृपया सहयोग करने की कृपा करें।जिसके मंदिर परिसर में पोस्टर भी चस्पा कर दिए गए हैं। उम्मीद ऐसी जताई जा रही है कि श्रद्धालु मंदिर को मंदिर की दृष्टि से देखेंगे, पिकनिक स्पॉट की तरह नहीं। महाकाल, खाटू श्याम बरसाने में राधा-रानी समेत कई मंदिरों में ड्रेस कोड व्यवस्था लागू होने के बाद जिले का यह पहला ऐसा मंदिर है जहां ड्रेस कोड लागू किया गया है। इसे देखते हुए मंदिर के पुजारी ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि मंदिर परिसर में अमर्यादित कपड़े पहनकर न आए।

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