Edited By Mamta Yadav,Updated: 06 Nov, 2025 12:43 AM

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में एक दर्दनाक घटना ने पुलिस और जनता के बीच तनाव बढ़ा दिया है। तिलहर कोतवाली क्षेत्र में दबिश के दौरान एक दलित बसपा नेता सत्यभान की मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि वह भागने की कोशिश में छत से कूद गया, जबकि परिजनों का...
Shahjahanpur News: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में एक दर्दनाक घटना ने पुलिस और जनता के बीच तनाव बढ़ा दिया है। तिलहर कोतवाली क्षेत्र में दबिश के दौरान एक दलित बसपा नेता सत्यभान की मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि वह भागने की कोशिश में छत से कूद गया, जबकि परिजनों का आरोप है कि दारोगा ने पिटाई के बाद उसे छत से धक्का दिया।
मामला क्या है?
घटना मोहल्ला मौजमपुर, तिलहर की है। मृतक सत्यभान बसपा के कटरा विधानसभा क्षेत्र के जोन प्रभारी थे। कुछ दिन पहले उनके बेटे अभिषेक राजपूत पर गांव के लोगों ने फायरिंग और मारपीट का आरोप लगाते हुए धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। इसी मामले में गिरफ्तारी के लिए मंगलवार रात पुलिस टीम सत्यभान के घर पहुंची थी।
पुलिस दबिश के दौरान क्या हुआ?
परिजनों के अनुसार, पुलिस ने बिना चेतावनी के गेट तोड़कर घर में प्रवेश किया। हड़कंप मचने पर सत्यभान छत पर चढ़ गए। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने छत पर जाकर उनकी बेरहमी से पिटाई की और फिर उन्हें धक्का देकर नीचे फेंक दिया। सत्यभान पड़ोसी के घर की छत पर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पुलिसकर्मी मौके से भाग गए। घायल बसपा नेता को पहले सीएचसी तिलहर ले जाया गया, जहां से मेडिकल कॉलेज शाहजहांपुर रेफर किया गया। इलाज के दौरान रात में उनकी मौत हो गई।
परिजनों और बसपा कार्यकर्ताओं का हंगामा
सत्यभान की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। बसपा जिला अध्यक्ष उदयवीर सिंह सहित कई कार्यकर्ता जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने परिजनों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस की चुप्पी, जांच जारी
मामले में पुलिस ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। सीओ तिलहर ज्योति यादव और थाना प्रभारी तिलहर की मौजूदगी में पंचनामा भरने की कार्रवाई की जा रही है। जिला प्रशासन ने बताया कि मामले की जांच उच्च अधिकारियों द्वारा कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी।