केजीएमयू प्रशासन पर अपर्णा यादव का हमला, कहा- महिला आयोग की अनदेखी बर्दाश्त नहीं

Edited By Ramkesh,Updated: 09 Jan, 2026 04:52 PM

aparna yadav attacks kgmu administration says ignoring women s commission is no

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने केजीएमयू (किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी) प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। केजीएमयू से जुड़े एक मामले को लेकर अपर्णा यादव प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद कुलपति से मिलने पहुंचीं, लेकिन वहां उनके...

लखनऊ: उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने केजीएमयू (किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी) प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। केजीएमयू से जुड़े एक मामले को लेकर अपर्णा यादव प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद कुलपति से मिलने पहुंचीं, लेकिन वहां उनके साथ हुए व्यवहार को लेकर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई।

 कुलपति कार्यालय के बाहर खड़ी अपर्णा यादव 
अपर्णा यादव ने कहा कि वह करीब 10 मिनट तक कुलपति कार्यालय के बाहर खड़ी रहीं, लेकिन उनसे मिलने कोई भी अधिकारी नहीं आया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि “महिला आयोग को केजीएमयू प्रशासन आखिर क्या समझता है? मैं केवल कुछ जानकारी लेने आई थी, लेकिन वाइस चांसलर मुझसे मिलने तक नहीं आईं।”

आरोपी को डॉक्टर को बचा रहा केजीएमयू प्रशासन- अपर्णा यादव का दावा
उन्होंने बताया कि उनकी पीड़िता से पहले ही बातचीत हो चुकी है। पीड़िता ने बताया था कि केजीएमयू के एचडी को जानकारी देने के बावजूद उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। अपर्णा यादव का आरोप है कि आरोपी रमीज उद्दीन लगातार केजीएमयू प्रशासन के संपर्क में था और घटना के दो दिन बाद फरार हो गया। महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि पीड़िता पर दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा कि केजीएमयू के एक सीनियर डॉक्टर ने पीड़िता से सवाल किया कि वह महिला आयोग क्यों गई। अपर्णा यादव का दावा है कि आरोपी को बचाने के लिए “व्यक्ति विशेष” द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं।

महिलाओं के साथ छेड़छाड़, धर्मांतरण जैसी घटना KGMU प्रशासन मौन- अपर्णा 
अपर्णा यादव ने विशाखा कमेटी द्वारा जारी रिपोर्ट पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने जांच के दौरान बयान दिए हैं, उन पर बयान बदलने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि केजीएमयू में महिलाओं के साथ छेड़छाड़, धर्मांतरण जैसे मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन विश्वविद्यालय का प्रशासन इस पर मौन साधे हुए है।

KGMU में बिना लाइसेंस के ब्लड बैंक संचालित ये बेहद गंभीर मामला 
इसके साथ ही अपर्णा यादव ने यह भी खुलासा किया कि केजीएमयू में पिछले दो वर्षों से बिना लाइसेंस के ब्लड बैंक संचालित किया जा रहा है, जो बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि इन सभी मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। महिला आयोग इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से ले रहा है और जरूरत पड़ने पर आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

 

 

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