Edited By Purnima Singh,Updated: 04 Nov, 2025 12:59 PM

Rishikant Shukla : उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने का मामला सामने आया है। फिलहाल मैनपुरी के भोगांव सर्किल में तैनात DSP ऋषिकांत शुक्ला को आय से अधिक सम्पत्ति के मामले में गृह विभाग के सचिव IAS जगदीश द्वारा निलंबित कर...
Rishikant Shukla : उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने का मामला सामने आया है। फिलहाल मैनपुरी के भोगांव सर्किल में तैनात DSP ऋषिकांत शुक्ला को आय से अधिक सम्पत्ति के मामले में गृह विभाग के सचिव IAS जगदीश द्वारा निलंबित कर दिया गया है। साथ ही विजलेंस जांच कराने के आदेश भी जारी किए हैं। कानपुर में 10 साल की सर्विस के दौरान CO साहब 100 करोड़ से ज्यादा की संम्पति के मालिक बन गये थे।
कानपुर में 12 बीघे जमीने, 11 दुकानें
कानपुर में 12 बीघे जमीने, आर्यनगर में 11 दुकानें हैं, जो पड़ोसी साथी देवेंद्र दुबे के नाम पर हैं। यह सबकुछ इन्होंने अखिलेश दुबे से दोस्ती करके अवैध धन से कमाया था। जिसका खुलासा कानपुर पुलिस की एसआईटी जांच में हुआ है। एसआईटी जांच की रिपोर्ट के आधार पर शासन ने उन्हें सस्पेंड किया गया है। वहीं, निलंबित सीओ ने अपने खिलाफ लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
पुलिस विभाग का नामी चेहरा ऋषिकांत शुक्ला पुलिस उप निरीक्षक के पद पर भर्ती हुए थे और CO के पद तक प्रमोशन पाकर पहुंचे। ऋषिकांत शुक्ला कानपुर में 1998 से 2006 तक उपनिरीक्षक और इसके बाद दिसंबर 2006 से 2009 तक निरीक्षक के रूप में 11 साल तक तैनात रहे। पुलिस उपाधीक्षक पद पर प्रोन्नति के बाद बाद भी इन्हें उन्नाव जिले में तैनाती मिली।
अखिलेश दुबे के करीबी हैं DSP Rishikant Shukla
कानपुर में पिछले दिनों तत्कालीन पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार के निर्देश पर पुलिस ने रेप के झूठे केस में फंसाकर कर भाजपा नेता सतीश सतीजा को फंसाने के मामले में अधिवक्ता अखिलेश दुबे को जेल भेजा था। इस मामले के लिए गठित एसआईटी की जांच में यह दावा किया गया कि अखिलेश के गिरोह में पुलिस, पत्रकार के साथ ही वकील भी शामिल हैं। इस जांच में सीओ ऋषिकांत शुक्ला का नाम सामने आने के बाद तीन नवंबर को सचिव जगदीश ने प्रमुख सचिव विजलेंस विभाग को पत्र लिखकर विजलेंस जांच शुरू कर कार्रवाई करने को कहा है।