UP में मजबूत हुआ बाल सुरक्षा तंत्र, 2.31 लाख बच्चों को मिली सहायता

Edited By Pooja Gill,Updated: 01 Apr, 2026 08:55 AM

child protection strengthened in up

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर योगी सरकार का प्रयास अब एक सशक्त और प्रभावी मॉडल के रूप में सामने आया है। महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन...

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर योगी सरकार का प्रयास अब एक सशक्त और प्रभावी मॉडल के रूप में सामने आया है। महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन सेवा के जरिए अब तक प्रदेश में 2.31 लाख से अधिक जरूरतमंद बच्चों को सहायता प्रदान की जा चुकी है। इनमें संकटग्रस्त, लावारिस, बाल श्रम में फंसे और उत्पीड़न के शिकार बच्चे शामिल हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि राज्य में बाल सुरक्षा को लेकर एक संवेदनशील और सक्रिय तंत्र विकसित किया गया है, जो समय पर जरूरतमंद बच्चों तक मदद पहुंचा रहा है।        

संकट में फंसे बच्चों तक त्वरित पहुंच सुनिश्चित की जा रही
महिला कल्याण विभाग की निदेशक डॉ. वंदना वर्मा के अनुसार, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन अब जमीनी स्तर पर एक मजबूत नेटवर्क के रूप में काम कर रही है। प्रदेश के सभी जिलों में हेल्पलाइन यूनिट सक्रिय हैं और संकट में फंसे बच्चों तक त्वरित पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में ही 77 हजार से अधिक बच्चों को इस सेवा के माध्यम से मदद दी गई है, जो इसकी बढ़ती प्रभावशीलता को दर्शाता है। हेल्पलाइन पर कॉल मिलने के बाद टीम 60 मिनट के भीतर मौके पर पहुंचकर बच्चों को सुरक्षित निकालती है। 

यह सेवा केवल बचाव तक सीमित नहीं...
यह सेवा केवल बचाव तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों को हर स्तर पर सुरक्षा प्रदान करती है। इसमें 24 घंटे पुलिस सहायता, चिकित्सा सुविधा, अस्थायी आश्रय और कानूनी परामर्श शामिल हैं। इसके साथ ही बच्चों को बाल कल्याण समिति के माध्यम से पुनर्वासित कर उनके परिवार से मिलाने की भी व्यवस्था की जाती है। चाइल्ड हेल्पलाइन सेवा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए इसे रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों तक विस्तारित किया गया है। 

कंट्रोल रूम के साथ-साथ सभी जनपदों में हेल्पलाइन यूनिट...
राज्य में कंट्रोल रूम के साथ-साथ सभी जनपदों में हेल्पलाइन यूनिट, 28 रेलवे स्टेशन यूनिट और 11 बस स्टैंड यूनिट स्थापित की गई हैं। यह पहल बाल तस्करी और शोषण जैसे गंभीर अपराधों पर नियंत्रण स्थापित करने में भी अहम भूमिका निभा रही है। योगी सरकार द्वारा विकसित यह तंत्र प्रदेश में बाल सुरक्षा के क्षेत्र में एक जवाबदेह, सक्रिय और प्रभावी मॉडल के रूप में स्थापित हो रहा है, जो जरूरतमंद बच्चों को त्वरित सहायता और सुरक्षित भविष्य देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। 
 

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