Edited By Ramkesh,Updated: 24 Mar, 2026 12:56 PM

उत्तर प्रदेश में इन दिनो दो पीसीएस अधिकारी अपने निजी जीवन को लेकर सुरर्खियों में हैं। दरअसल, सदर तहसील में तैनात एसडीएम दिव्या ओझा और उनके पति का पारिवारिक विवाद सार्वजनिक हो गया है। एसडीएम दिव्या ओझा के पिता ने अपने दमाद के खिलाफ कई गंभीर धारओं में...
चंदौली: उत्तर प्रदेश में इन दिनो दो पीसीएस अधिकारी अपने निजी जीवन को लेकर सुरर्खियों में हैं। दरअसल, सदर तहसील में तैनात एसडीएम दिव्या ओझा और उनके पति का पारिवारिक विवाद सार्वजनिक हो गया है। एसडीएम दिव्या ओझा के पिता ने अपने दमाद के खिलाफ कई गंभीर धारओं में केस दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि दामाद जन्मजात नपुंसक है उसने झूठ बोलकर शादी की है। जब बेटी ने इसका खुलासा किया तो उसके साथ मारपीट की जाती थी, आरोपी ने बेटी का अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैक मेल कर रहा है।
20 करोड़ रुपये दहेज की डिमांड
पीड़िता के पिता निशाकांत ओझा का आरोप है कि शादी से पहले ही दहेज की मांग शुरू हो गई थी, जो कथित तौर पर 20 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। बाद में यह मांग घटाकर नकद राशि, महंगे गहने और लग्जरी शादी तक सीमित कर दी गई। उन्होंने दावा किया कि सामाजिक दबाव में उन्होंने लाखों रुपये और कीमती सामान दिया, इसके बावजूद उनकी बेटी को लगातार प्रताड़ित किया गया।
गला दबाकर हत्या की कोशिश
आरोपों के मुताबिक, विवाह के बाद से ही पति और ससुराल पक्ष द्वारा मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न किया गया। कई बार मारपीट और जान से मारने की कोशिश तक की गई। पिता का कहना है कि एक घटना में गला दबाकर हत्या की कोशिश की गई, जिसमें उनकी बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई।
अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी
इसके अलावा, पति पर अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी देने और ब्लैकमेल करने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़िता के पिता का कहना है कि तलाक की बात करने पर भी धमकियां दी गईं और करियर बर्बाद करने की चेतावनी दी गई। मामले में प्रतापगढ़ के महिला थाने में दहेज उत्पीड़न, मारपीट और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
पति पत्नी में लम्बे समय से चल रहा विवाद
बताया जा रहा है कि दोनों अधिकारियों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। वहीं, आरोपी पक्ष की ओर से भी अलग से शिकायत करने की कोशिश की गई, हालांकि मामला दर्ज नहीं कराया गया। इस पूरे मामले पर परिवार के सदस्य और पूर्व मंत्री शिवाकांत ओझा ने इसे निजी पारिवारिक मामला बताते हुए सार्वजनिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।