वाराणसी में 50000 की रिश्वत लेते GST डिप्टी कमिश्नर रंगे हाथ गिरफ्तार, विजिलेंस के ट्रैप में फंसीं तो टीम से की हाथापाई

Edited By Purnima Singh,Updated: 17 Jul, 2026 02:35 PM

gst deputy commissioner arrested accepting bribe of 50 000

वाराणसी विभाग में तैनात डिप्टी कमिश्नर अंबिका सिंह को विजिलेंस टीम ने कथित तौर पर 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान उन्होंने टीम की पकड़ से बचने का प्रयास किया और मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों से भी...

वाराणसी: राज्य जीएसटी विभाग में तैनात डिप्टी कमिश्नर अंबिका सिंह को विजिलेंस टीम ने कथित तौर पर 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान उन्होंने टीम की पकड़ से बचने का प्रयास किया और मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों से भी धक्का-मुक्की की। इसके बाद विजिलेंस अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। इस घटना के बाद विभाग में हड़कंप मच गया।

GST फाइल के निस्तारण के बदले मांगी गई थी रकम
मामला बजरडीहा निवासी अजय कुमार मौर्य से जुड़ा है, जो 'ब्लैक स्मिथ इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड' के निदेशक हैं। उन्होंने फरवरी 2023 का जीएसटी रिटर्न समय पर दाखिल किया था, लेकिन कुछ आपत्तियों के चलते उनकी फाइल दोबारा जांच के लिए भेजी गई। शिकायत के अनुसार, फाइल को मंजूरी देने और टैक्स संबंधी प्रक्रिया पूरी करने के एवज में डिप्टी कमिश्नर ने 50 हजार रुपये की मांग की थी।

व्यापारी की शिकायत के बाद तैयार हुई पूरी योजना
व्यापारी ने रिश्वत देने के बजाय विजिलेंस विभाग से संपर्क किया। शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों ने गोपनीय जांच की, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद रिश्वतखोरी पकड़ने के लिए ट्रैप ऑपरेशन की योजना बनाई गई।



रेस्टोरेंट में हुई कार्रवाई
योजना के तहत शिकायतकर्ता ने अंबिका सिंह को भेलूपुर स्थित दादा रेस्टोरेंट में बुलाया। जैसे ही उन्होंने 50 हजार रुपये से भरा लिफाफा अपने कब्जे में लिया, पहले से निगरानी कर रही विजिलेंस टीम ने तत्काल उन्हें पकड़ लिया।

गिरफ्तारी के दौरान किया विरोध
विजिलेंस अधिकारियों के मुताबिक कार्रवाई के समय अंबिका सिंह ने वहां से निकलने की कोशिश की। उन्हें रोकने के दौरान महिला पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिसके बाद टीम उन्हें अपने साथ थाने ले गई।

पुराने मामलों की भी होगी पड़ताल
विजिलेंस थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि अब डिप्टी कमिश्नर द्वारा पहले निस्तारित फाइलों और अन्य मामलों की भी जांच की जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं अन्य मामलों में भी रिश्वत या अनियमितता तो नहीं हुई।

लोगों से की गई अपील
विजिलेंस विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो उसकी शिकायत विभाग के हेल्पलाइन नंबर 9454401866 और 9454401222 पर करें। 

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