जंगल में मिली थी ला/श, मुंह में फंसा था 30 सेमी लंबा चाकू... अब कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला

Edited By Anil Kapoor,Updated: 10 Jul, 2026 12:51 PM

two people sentenced to life imprisonment for killing a friend

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/पॉक्सो एक्ट तृतीय (एडीजे/पॉक्सो थर्ड) नसीमा खानम की अदालत ने अपहरण और हत्या के एक चर्चित मामले में 2 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों पर कुल 90 हजार रुपए का...

Amroha News: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/पॉक्सो एक्ट तृतीय (एडीजे/पॉक्सो थर्ड) नसीमा खानम की अदालत ने अपहरण और हत्या के एक चर्चित मामले में 2 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों पर कुल 90 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता ने  बताया कि अमरोहा देहात थाना क्षेत्र के गांव सिरसा खुमार निवासी शमशाद का 21 जून 2018 को उसके दोस्तों कासिम और मुनीश उर्फ मदनी ने अपहरण कर लिया था। अगले दिन शमशाद के भाई जमील ने अमरोहा देहात थाने में गुमशुदगी और अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

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पुलिस जांच के दौरान संदेह के आधार पर हिरासत में लिए गए कासिम और मुनीश ने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया। जांच में सामने आया कि कासिम ने शमशाद को अपनी भांजी से बातचीत करते हुए देख लिया था, जिससे वह नाराज था। इसी रंजिश में उसने मुनीश के साथ मिलकर शमशाद की हत्या की साजिश रची। दोनों आरोपी शमशाद को अमरोहा नगर में लगी नुमाइश दिखाने के बहाने अपने साथ ले गए। आरोप है कि रास्ते में उसे चरस मिली सिगरेट पिलाकर नशे की हालत में कर दिया गया और बाद में मंडी धनौरा थाना क्षेत्र के जंगल में ले जाकर चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को जंगल में छिपा दिया गया।

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पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर जंगल से शमशाद का शव बरामद किया था। पोस्टमार्टम के दौरान मृतक के मुंह में फंसा लगभग 30 सेंटीमीटर लंबा चाकू मिलने से वारदात की क्रूरता उजागर हुई थी। पुलिस ने विवेचना पूरी कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। विशेष अदालत में लंबी सुनवाई, गवाहों के बयान और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। इसके बाद न्यायाधीश नसीमा खानम ने कासिम और मुनीश उर्फ मदनी को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए मुनीश पर 50 हजार रुपए और कासिम पर 40 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। फैसला आने के बाद मृतक के परिजनों ने न्यायालय के निर्णय पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि देर से ही सही, उन्हें न्याय मिल गया।

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