राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा मोड़: 24 घंटे में SIT सौंपेगी फाइनल रिपोर्ट, बदल जाएगा दान प्रबंधन का पूरा सिस्टम

Edited By Anil Kapoor,Updated: 16 Jul, 2026 02:21 PM

sit likely to submit report on offering theft case within 24 hours

उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले की जांच कर रहा विशेष जांच दल अगले 24 घंटों के भीतर अंतिम रिपोर्ट सौंप सकता है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर मंदिर के प्रशासन और चढ़ावे की गणना...

Lucknow News: उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले की जांच कर रहा विशेष जांच दल अगले 24 घंटों के भीतर अंतिम रिपोर्ट सौंप सकता है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर मंदिर के प्रशासन और चढ़ावे की गणना प्रणाली में व्यापक बदलाव किए जा सकते हैं। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को 3 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। जांच पूरी करने के लिए दल को शुरुआत में 15 दिन का समय दिया गया था हालांकि बाद में एक जुलाई को इसका कार्यकाल 15 दिन के लिए बढ़ा दिया गया था।

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मामले से परिचित एक सूत्र ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि हमें उम्मीद है कि रिपोर्ट जल्द मिल जाएगी। यह शाम तक या अधिकतम अगले 24 घंटों में सरकार को सौंप दी जाएगी। सूत्र ने संकेत दिया कि एसआईटी के कार्यकाल में एक और विस्तार होने की संभावना नहीं है। अंतिम रिपोर्ट को महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि उसकी सिफारिशों पर मंदिर ट्रस्ट विस्तार से विचार करेगा। माना जा रहा है कि इन्हीं के आधार पर मंदिर के प्रबंधन तथा दान की गणना और प्रबंधन प्रणाली में बड़े सुधार किए जा सकते हैं। ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को अयोध्या में प्रस्तावित है।

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ट्रस्ट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रिपोर्ट के महत्व पर पूछे जाने पर एक न्यूज एजेंसी से कहा कि हां, इसका इंतजार है। पहले इसे सौंप देने दीजिए। एसआईटी ने 23 जून को सरकार को अपनी 9 पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी थी, जिसके बाद मामले में कई अहम कार्रवाई हुईं, जिनमें प्राथमिकी दर्ज होना, मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी और मंदिर ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों के इस्तीफे शामिल हैं। ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने एक पत्र में कहा था कि एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही वह इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ेंगे। उन्होंने उसी पत्र में यह सवाल भी उठाया था कि एसआईटी की गोपनीय प्रारंभिक रिपोर्ट सार्वजनिक कैसे हुई। इस मामले की जांच उच्चतम न्यायालय के संज्ञान में भी है। शीर्ष अदालत ने 13 जुलाई को कथित चोरी के मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच का अनुरोध करने वाली याचिकाओं पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया था। न्यायालय ने साथ ही एसआईटी को जांच की स्थिति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने एसआईटी से स्थिति रिपोर्ट तलब की थी।

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एसआईटी में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन शामिल हैं। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि महाराज ने 14 जुलाई को पुणे में कहा था कि उन्हें एसआईटी जांच और मामले की उच्चतम न्यायालय की निगरानी, दोनों पर भरोसा है। उन्होंने कहा था कि ट्रस्ट जांच में किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं करेगा और दोषी पाए जाने वालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। गिरि ने यह भी कहा था कि एसआईटी की जांच पूरी होने तक ट्रस्ट इस विवाद पर कोई श्वेत पत्र जारी नहीं करेगा। मामले में अब तक 8 आरोपियों की गिरफ्तारी, ट्रस्ट के 2 पदाधिकारियों के इस्तीफे और मंदिर के चढ़ावे से कथित तौर पर निकाली गई नकदी की बरामदगी हो चुकी है।

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