'खुलेआम घूम रहे आरोपी...' वाले बयान पर घिरे राहुल गांधी, बरी हो चुके युवकों ने ठोका मानहानि का मुकदमा, कोर्ट ने थमाया नोटिस

Edited By Anil Kapoor,Updated: 16 Jul, 2026 07:31 AM

hathras court issues notice to rahul gandhi in defamation case

हाथरस जिले की एक अदालत ने लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी को बुधवार को मानहानि की शिकायत से जुड़ी एक पुनरीक्षण याचिका पर नोटिस जारी किया। मामला वर्ष 2020 में एक सामूहिक बलात्कार पीड़िता की मौत के मामले में राहुल द्वारा की...

Hathras News: हाथरस जिले की एक अदालत ने लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी को बुधवार को मानहानि की शिकायत से जुड़ी एक पुनरीक्षण याचिका पर नोटिस जारी किया। मामला वर्ष 2020 में एक सामूहिक बलात्कार पीड़िता की मौत के मामले में राहुल द्वारा की गईं टिप्पणियों से जुड़ा है। मामले में शिकायतकर्ताओं के वकील मुन्ना सिंह पुंडीर ने बताया कि सांसद-विधायक अदालत के अपर जिला न्यायाधीश (द्वितीय) विजय कुमार ने पुनरीक्षण याचिका स्वीकार करने के बाद नोटिस जारी किया और अगली सुनवाई के लिए 11 अगस्त की तारीख तय की।

खारिज हुई शिकायत पर पुनरीक्षण याचिका स्वीकार, 11 अगस्त को अगली सुनवाई
हाथरस सामूहिक बलात्कार मामले में बरी किए जा चुके रवि, राम कुमार और लव कुश के वकील पुंडीर ने कहा कि अपर दीवानी न्यायाधीश (सीनियर डिवीजन) और सांसद-विधायक अदालत ने 13 मई को गांधी के खिलाफ शिकायत खारिज कर दी थी। उन्होंने बताया कि याचिकाकर्ताओं ने शिकायत खारिज करने के आदेश को चुनौती देते हुए एक पुनरीक्षण याचिका दायर की थी जिसे अब सत्र अदालत ने सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। हाथरस के एक गांव में सितंबर 2020 में दलित लड़की से कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार की घटना हुई थी और कुछ दिन बाद दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।

'खुलेआम घूम रहे आरोपी' वाले बयान पर आपत्ति, 1.5 करोड़ के हर्जाने की मांग
इस मामले में 4 लोगों के खिलाफ मुकदमे की कार्यवाही हुई थी जिनमें से रामकुमार, लवकुश और रवि को अदालत ने बरी कर दिया था जबकि संदीप दोषी पाया गया और वह अब भी जेल में है। पुंडीर के अनुसार राहुल गांधी ने 12 दिसंबर 2024 को पीड़िता के गांव का दौरा किया था और कथित तौर पर कहा था कि पीड़िता का परिवार अपने घर में ही कैद है जबकि आरोपी 'खुलेआम घूम रहे' हैं। पुंडीर ने दावा किया कि सीबीआई जांच और ढाई साल तक चली सुनवाई के बाद तीनों आरोपियों को बरी किया गया था, लिहाजा राहुल गांधी की वे टिप्पणियां मानहानिकारक थीं। वकील ने बताया कि आपराधिक मानहानि की शिकायत दायर करने से पहले, शिकायतकर्ताओं ने गांधी को कानूनी नोटिस भेजकर कुल डेढ़ करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की थी।

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