Edited By Purnima Singh,Updated: 17 Jul, 2026 05:52 PM

उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक सप्ताह तक चले राज्यव्यापी साइबर अपराध-रोधी अभियान 'सीवाई-वज्र' के दौरान 773 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अभियान के दौरान 865 नयी प्राथमिकी दर्ज की गईं और...
लखनऊ : उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक सप्ताह तक चले राज्यव्यापी साइबर अपराध-रोधी अभियान 'सीवाई-वज्र' के दौरान 773 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अभियान के दौरान 865 नयी प्राथमिकी दर्ज की गईं और लगभग 1,158.70 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी का खुलासा किया। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने एक बयान में बताया कि सात जुलाई से 13 जुलाई तक चलाए गए विशेष अभियान में 17 अवैध कॉल सेंटर का भी भंडाफोड़ किया गया।
उन्होंने बताया कि साइबर धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले 3,866 'म्यूल बैंक खातों' के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। पुलिस ने कहा कि आरोपी राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज 7,989 शिकायतों से जुड़े थे, जिससे संबंधित धोखाधड़ी की राशि 1,158.70 करोड़ रुपये आंकी गई। बयान के मुताबिक, 773 गिरफ्तारियों के अलावा 673 संदिग्धों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 35(3) के तहत नोटिस जारी किए गए।
अधिकारियों के मुताबिक, अभियान के दौरान पुलिस ने 53.35 लाख रुपये नकद, 911 मोबाइल फोन, 75 लैपटॉप और डेस्कटॉप कंप्यूटर, 1270 सिम कार्ड, 648 डेबिट और क्रेडिट कार्ड, पेन ड्राइव सहित 110 इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए। कृष्ण ने कहा कि यह अभियान का पहला चरण था, जिसका उद्देश्य साइबर अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे बैंक खातों, मोबाइल कनेक्शन, नकदी निकासी बिंदुओं और अन्य डिजिटल बुनियादी ढांचे की पहचान करना और उन्हें समाप्त करना था।