Edited By Ramkesh,Updated: 01 Nov, 2026 02:37 PM

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों ने गाजियाबाद में पूछताछ की। उसके बाद उन्हेंने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मिली जानकारी के मुताबिक आजम को गाजियाबाद की डासना जेल में रखा...
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों ने गाजियाबाद में पूछताछ की। उसके बाद उन्हेंने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मिली जानकारी के मुताबिक आजम को गाजियाबाद की डासना जेल में रखा जाएगा। आप को बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारी रविवार को समाजवादी पार्टी के नेता आज़म खान को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की विशेष अदालत में पेश करने के लिए गाज़ियाबाद लाए। अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले शनिवार, 31 अक्टूबर को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में समाजवादी पार्टी के नेता मोहम्मद आज़म खान को हिरासत में लिया था।
गाज़ियाबाद में एक विशेष 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (M PLA) कोर्ट के सामने पेश किया गया। अधिकारियों ने बताया कि ED के लखनऊ ज़ोनल ऑफिस की एक टीम उनकी रिहाई से पहले ही रामपुर ज़िला जेल पहुँच गई थी और जेल परिसर से बाहर आते ही उन्हें हिरासत में ले लिया। अधिकारी ने बताया 13 अक्टूबर को भी, एजेंसी ने इसी मामले में रामपुर जेल के अंदर आज़म खान से पूछताछ की थी। उनसे उसी बैरक में पूछताछ की गई थी, जहाँ वे बंद थे। इसके बाद, केंद्रीय एजेंसी ने आज़म खान का बयान दर्ज किया। यह जांच सरकारी कॉन्ट्रैक्ट के फंड को निजी ठेकेदारों के ज़रिए दूसरी जगह लगाने और फिर उसका इस्तेमाल करने के आरोपों से जुड़ी है। इसमें मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के लिए संपत्ति बनाने का मामला भी शामिल है।
यह कार्रवाई उस घटना के लगभग ढाई महीने बाद हुई है, जब केंद्रीय एजेंसी ने इस मामले के सिलसिले में उत्तर प्रदेश और दिल्ली में आज़म खान से जुड़ी दस जगहों पर 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' की धारा 17 के तहत तलाशी ली थी। मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत 19 अगस्त को एक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इसमें उत्तर प्रदेश के रामपुर और सहारनपुर के साथ-साथ दिल्ली में स्थित परिसरों की तलाशी ली गई। जिन परिसरों की तलाशी ली गई, उनमें आजम खान से जुड़े 'मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट' और 'मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी' शामिल हैं। 2006 में आजम खान द्वारा स्थापित, मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी रामपुर में स्थित एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी है।
ED ने बताया कि अब तक की जांच में यह सामने आया है कि "कुछ ठेकेदारों और ट्रस्ट के बीच वित्तीय लेनदेन हुए हैं। सरकारी ठेकों से फायदा उठाने वाले इन ठेकेदारों ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की तरफ फंड डायवर्ट किया, जिसमें भारी-भरकम दान और निर्माण कार्य शामिल हैं।" 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान, आजम खान ने सरकारी अधिकारियों (जिनमें तत्कालीन कलेक्टर-सह-जिला मजिस्ट्रेट भी शामिल थे) के खिलाफ "जूते साफ करने" जैसी आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस मामले में उन्हें दो साल की जेल की सजा सुनाई गई है। रामपुर सदर से 10 बार विधायक रहे और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान, समाजवादी पार्टी के सबसे प्रमुख मुस्लिम चेहरों में से एक और लंबे समय से एक प्रभावशाली व्यक्ति रहे हैं। जालसाजी के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद, वे पिछले साल नवंबर से रामपुर जिला जेल में बंद हैं।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को बताया कि उसने समाजवादी पार्टी के नेता मोहम्मद आजम खान की 'मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी' की जमीन और इमारत को जब्त (अटैच) कर लिया है। इसकी बुक वैल्यू 426 करोड़ रुपये है, जबकि मौजूदा बाजार मूल्य लगभग 1,170 करोड़ रुपये आंका गया है। यह कार्रवाई 28 अक्टूबर को ED द्वारा आजम खान की 'मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी' की जमीन और इमारत को जब्त किए जाने के कुछ दिनों बाद हुई है। फिलहाल आजम खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।