Edited By Ramkesh,Updated: 01 Nov, 2026 01:59 PM

समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला को दो अलग-अलग पैन कार्ड बनवाने के मामले में सजा निलंबित होने के बाद शनिवार को रामपुर जेल से रिहा कर दिया गया। हालांकि उनकी रिहाई से पहले ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक टीम धन शोधन...
लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला को दो अलग-अलग पैन कार्ड बनवाने के मामले में सजा निलंबित होने के बाद शनिवार को रामपुर जेल से रिहा कर दिया गया। हालांकि उनकी रिहाई से पहले ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक टीम धन शोधन के कथित मामले में आजम खान से पूछताछ करने के लिये रामपुर पहुंच गई और रिहाई होने के तुरंत बाद उन्हें हिरासत में ले लिया। इसके आजम ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए, इस पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि "मुसलमान होने की सजा नहीं मिल रही है, यूनिवर्सिटी बनाने की सजा नहीं मिल रही है, जो अपराध किए हैं, जो भ्रष्टाचार किए हैं, उसकी सजा मिल रही है। मैं यह भी मांग करता हूं कि क्योंकि आज़म खान अखिलेश यादव की सरकार के मंत्री थे और उनकी सरकार के रहते हुए अगर इस प्रकार की गड़बड़ हुई है तो जांच के दायरे में अखिलेश यादव को भी शामिल करना चाहिए।
जेल प्रशासन के सूत्रों के मुताबिक आजम और अब्दुल्ला को शाम को भारी गहमागहमी के बीच जेल से रिहा किया गया। इस दौरान जेल के बाहर बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे जो आजम के समर्थन और ईडी के विरोध में नारे लगाते देखे गए। अधिकारियों के मुताबिक जेल से बाहर निकलने के बाद ईडी की टीम ने आजम को जौहर विश्वविद्यालय से संबंधित कथित धन शोधन के मामले में पूछताछ के लिये हिरासत में ले लिया। आजम ने कहा कि उन्हें मुसलमान होने की सजा मिल रही है। उन्होंने कहा, ''गलती यह है कि एक मुसलमान ने यूनिवर्सिटी (जौहर विश्वविद्यालय) बनाई, बच्चों के लिये कॉलेज बनाए।'' रिहाई के बाद आजम के बेटे अब्दुल्ला ने मीडिया के सवालों के जवाब देने से इनकार कर दिया। इस बीच, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आजम को जेल से रिहा होते ही ईडी द्वारा हिरासत में लिये जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए संवाददाताओं से कहा, ''भाजपा से न्याय की उम्मीद नहीं कर सकते।
आजम के इस बयान पर कि उन्हें मुसलमान होने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है, यादव ने कहा, ''उन्होंने जो कहा वह सच है लेकिन इसके साथ-साथ आप भाजपा से न्याय की उम्मीद नहीं कर सकते।" ईडी के अधिकारियों के मुताबिक एजेंसी उन्हें धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर सकती है। उन्होंने बताया कि आजम को गाजियाबाद की एक विशेष अदालत में पेश किया जाएगा, जहां ईडी उनकी हिरासत की मांग करेगी। ईडी ने सार्वजनिक मूलभूत ढांचे और आम जनता से जुड़े कार्यों के लिए रखे गए सरकारी धन को निजी शिक्षण संस्थान यानी जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में इस्तेमाल किये जाने का आरोप लगाते हुए गत 28 अक्टूबर को विश्वविद्यालय की जमीन और इमारतों को कुर्क कर लिया था।
अब्दुल्ला के दो अलग-अलग पैन कार्ड बनवाने और उनका इस्तेमाल करने के मामले में रामपुर की ही सांसद/विधायक अदालत ने नवंबर 2025 में आजम खान और अब्दुल्ला दोनों को सात साल कैद सजा सुनायी थी, जिसके बाद से दोनों रामपुर जेल में बंद थे। हालांकि इस सजा से असंतुष्ट अभियोजन पक्ष ने सांसद/विधायक सत्र अदालत में आजम और अब्दुल्ला की सजा बढ़वाने के लिए अपील की थी जिस पर आजम को पहले सुनाई गई सात साल की सजा को बढ़ाकर 10 साल जबकि 50 हजार जुर्माने को बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया था। अदालत ने अब्दुल्ला की सात साल की सजा को बरकरार रखते हुए जुर्माने की धनराशि 50 हजार से बढ़ाकर साढ़े तीन लाख रुपये कर दी थी। इसके बाद इस मामले को आजम और उनके बेटे की ओर से उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी, जिसने गत बृहस्पतिवार को दोनों की सजा को निलंबित कर दिया था। हालांकि अदालत ने उनकी दोष सिद्धि को रद्द नहीं किया था।