2500 पेड़ काटने के मामले में High Court ने केन्द्र तथा राज्य सरकार से 2 सप्ताह में मांगा जवाब

Edited By Diksha kanojia,Updated: 17 Jun, 2021 12:28 PM

hc seeks reply from central and state government in this matter

मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान की अगुवाई वाली पीठ ने बुधवार को सामाजिक कार्यकर्ता रीनू पाल की जनहित याचिका की सुनवाई के बाद यह निर्देश दिए। याचिकाकर्ता ने न्यायालय को बताया कि दिल्ली-देहरादून राजमार्ग के चौड़ीकरण के लिए सरकार की ओर से वर्ष 2500 पेड़ काटे...

 

नैनीतालः उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने राजाजी नेशनल पार्क के मोहंड क्षेत्र में राजमार्ग के चौड़ीकरण के लिये कथित रूप से 2500 पेड़ों के काटे जाने के मामले में केन्द्र और राज्य सरकार के साथ ही जैव विविधता बोर्ड से दो सप्ताह में जवाब प्रस्तुत करने को कहा है।

मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान की अगुवाई वाली पीठ ने बुधवार को सामाजिक कार्यकर्ता रीनू पाल की जनहित याचिका की सुनवाई के बाद यह निर्देश दिए। याचिकाकर्ता ने न्यायालय को बताया कि दिल्ली-देहरादून राजमार्ग के चौड़ीकरण के लिए सरकार की ओर से वर्ष 2500 पेड़ काटे की अनुमति दी गयी है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र राजाजी टाइगर रिजर्व से जुड़े होने के साथ ही शिवालिक वन क्षेत्र में है। जो कि पर्यावरण के लिहाज महत्वपूर्ण है।

दून घाटी के लिए होने वाले पानी की आपूर्ति के लिये भी इस क्षेत्र का विशेष महत्व है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अभिजय नेगी ने बताया कि मामले को सुनने के बाद न्यायालय ने केन्द्र-राज्य सरकार के साथ ही जैव विविधता बोर्ड को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिये हैं। मामले में अगली सुनवाई सात जुलाई को होगी।

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