Edited By Mamta Yadav,Updated: 01 Oct, 2025 10:05 PM

माफिया अतीक अहमद का बेटा अली अहमद अब झांसी जेल की सलाखों के पीछे अपनी बाकी सजा काटेगा। आज सुबह करीब 6:10 बजे प्रयागराज स्थित नैनी जेल से अली को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच झांसी जेल के लिए रवाना किया गया। इस अचानक हुए तबादले ने सुरक्षा एजेंसियों...
प्रयागराज/झांसी: माफिया अतीक अहमद का बेटा अली अहमद अब झांसी जेल की सलाखों के पीछे अपनी बाकी सजा काटेगा। आज सुबह करीब 6:10 बजे प्रयागराज स्थित नैनी जेल से अली को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच झांसी जेल के लिए रवाना किया गया। इस अचानक हुए तबादले ने सुरक्षा एजेंसियों में हलचल पैदा कर दी है। जानकारी के अनुसार, अली को जिस झांसी जेल में स्थानांतरित किया गया है, वह प्रदेश की उन चुनिंदा जेलों में से है जहां पहले भी मुन्ना बजरंगी और मुख्तार अंसारी जैसे कुख्यात अपराधी रखे जा चुके हैं। यही वह जेल है जहां से मुन्ना बजरंगी को बागपत जेल ले जाया गया था, जहां बाद में उसकी हत्या हो गई थी।
अली पर गंभीर आरोप
अली अहमद पर कई संगीन मामले दर्ज हैं। प्रमुख आरोपों में एक प्रॉपर्टी डीलर जीशान उर्फ जानू से 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगना शामिल है। इसके अलावा, वह उमेश पाल हत्याकांड में भी आरोपी है। अली ने जुलाई 2022 में कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था और तभी से नैनी जेल में बंद था। हाल ही में, 25 जून 2025 को नैनी जेल में उसकी बैरक की तलाशी के दौरान उसके पास से 1,100 रुपये नकद मिले थे, जिसके बाद दो जेल अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। इसके चलते अली को हाई-सिक्योरिटी बैरक में स्थानांतरित कर दिया गया था।
झांसी तक सात घंटे का सफर, सुरक्षा चाक-चौबंद
प्रयागराज से झांसी तक करीब 420 किमी का सफर तय करने में लगभग 7 घंटे का समय लगेगा। अली को ले जा रहे काफिले में 20 सशस्त्र पुलिसकर्मी, 4 ORT सदस्य और 1 PAC दल शामिल है। सुरक्षा को लेकर किसी तरह की चूक न हो, इसका विशेष ध्यान रखा गया है। झांसी जेल में अली की आमद एक और अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है, जहां उत्तर प्रदेश के माफिया नेटवर्क का एक और चेहरा अब सलाखों के पीछे रहेगा।