कोरोना पर भारी CM योगी का UP मॉडल, 9 गुना ज्यादा हुए टेस्ट, दूसरे राज्यों के लिए बना नजीर

Edited By Moulshree Tripathi,Updated: 17 Jun, 2021 05:45 PM

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आबादी के हिसाब से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यूपी मॉडल कोरोना पर भारी पड़ता दिख रहा है। यूपी में डब्ल्यूएचओ

लखनऊः आबादी के हिसाब से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यूपी मॉडल कोरोना पर भारी पड़ता दिख रहा है। यूपी में डब्ल्यूएचओ के मानक से करीब नौ गुना ज्यादा टेस्ट हुए हैं। हर पॉजिटिव केस पर 32 लोगों की जांच हो रही है। दरअसल यूपी में प्रतिदिन 32 हजार टेस्ट का लक्ष्य था लेकिन रोजाना औसतन तीन लाख टेस्ट हो रहे हैं।

देश में सबसे ज्यादा 5,44,36,119 टेस्ट करने वाला इकलौता राज्य बना यूपी
बता दें कि 23 करोड़ की आबादी वाले राज्य यूपी में पिछले 24 घंटे में दो लाख 90 हजार लोगों की जांच में सिर्फ 336 नए केस आए हैं वहीं पॉजिटिविटी दर 0.1 फीसदी है। यूपी में टेस्ट बढ़े, लेकिन संक्रमण के मामले घटे हैं। पिछले 24 घंटे में 685 लोगों को डिस्चार्ज किया गया वहीं रिकवरी रेट 98.4 फीसदी हो गई है। सीएम योगी के ट्रेस, टेस्ट और ट्रीट फार्मूले से यूपी मॉडल दूसरे राज्यों के लिए नजीर बन गए हैं। निगरानी समितियों ने घर-घर जाकर 17,21,05,343 की स्क्रीनिंग की है। लिहाजा देश में सबसे ज्यादा 5,44,36,119 टेस्ट करने वाला इकलौता राज्य यूपी बन गया है।

दूसरे प्रदेशों के लिए बना उदाहरण 
इसके साथ ही प्रदेश में कुल सक्रिय केस घटकर 6019 हो गए हैं। पिछले 24 घंटे में केरल में 13,270, तमिलनाडु में 10,448, महाराष्ट्र में 10,107, कर्नाटक में 7,345 और आंध्र प्रदेश में 6,617 नए केस आए। देश में कुल सक्रिय केसों में उत्तर प्रदेश 15वें स्थान पर है। यानि कि कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, उड़ीसा, असम, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, जम्मू कश्मीर, छत्तीसगढ़, पंजाब, गुजरात और मणिपुर के बाद उत्तर प्रदेश है। इतना ही नहीं यूपी में दूसरे लहर की रफ्तार थमने के बाद तीसरे लहर की भी युद्ध स्तर पर तैयारी है। जहां दिसम्बर तक 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी प्रदेशवासियों को टीका लगाने की योजना है। संभावित कोविड की तीसरी लहर को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा पर सरकार का विशेष ध्यान है। जिसके तहत 50 लाख से अधिक बच्चों को निशुल्क दी मेडिसिन किट दी जाएगी। प्रथम चरण में 17 लाख किटें जिलों में भेजी गईं हैं, वयस्कों के लिए हर निगरानी समिति को 100 किटें देने के लिए 71 लाख किटें भेजी गईं।

आशाओं ने घर-घर जाकर बांटी करीब 10 लाख निशुल्क दवाएं
आगे बता दें कि अप्रैल में आशाओं ने घर-घर जाकर करीब 10 लाख दवाएं निशुल्क बांटी हैं। वहीं मई में शहरी क्षेत्रों में 12,955 और ग्रामीण क्षेत्रों में 58,194 निगरानी समितियों ने चार चरणों में करीब 68 लाख निशुल्क मेडिसिन किट बांटीं, यूपी में निशुल्क विशेष टीकाकरण महाअभियान ने भी रफ्तार पकड़ ली है। करीब 62 सौ केंद्रों पर टीकाकरण हो रहा है। लोगों के अधिक सम्पर्क में आने वाले रिक्शा, टेंपो और बस चालक, कंडक्टर, रेहड़ी, पटरी दुकानदारों और फल, सब्जी वालों को भी टीके लग रहे हैं।

टीकाकरण महाअभियान के लिए करीब 20 हजार कर्मचारियों को दी जा रही ट्रेनिंग 
इतना ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। 1.30 लाख कॉमन सर्विस सेंटर से ग्रामीण क्षेत्रों में निशुल्क पंजीकरण किया जा रहा है। वृहद टीकाकरण महाअभियान के लिए करीब 20 हजार कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वहीं 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों के अभिभावकों का 'अभिभावक स्पेशल' बूथ और महिलाओं का पिंक बूथ पर टीकाकरण हो रहा है। अब तक लोगों को कुल 2,42,03,020 डोज दी जा चुकी है।

 

 

 

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