Edited By Ramkesh,Updated: 09 Feb, 2026 06:20 PM

उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सोमवार को कहा कि पिछले आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था दोगुने से भी अधिक हो गई है। विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन वित्त मंत्री ने वित्त वर्ष 2025-26 की आर्थिक...
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सोमवार को कहा कि पिछले आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था दोगुने से भी अधिक हो गई है। विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन वित्त मंत्री ने वित्त वर्ष 2025-26 की आर्थिक समीक्षा प्रस्तुत करते हुए यह जानकारी दी।
13.30 लाख करोड़ से बढ़कर 30.25 लाख करोड़ हुई अर्थव्यवस्था
वित्त मंत्री ने बताया कि वर्ष 2016-17 में प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आकार 13.30 लाख करोड़ रुपये था, जो बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 30.25 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 में यह 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की दिशा में अग्रसर है।
ऐतिहासिक क्षण: पहली बार सदन में आर्थिक समीक्षा
खन्ना ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश पहली बार भारत सरकार के अनुरूप अपनी आर्थिक समीक्षा सदन के पटल पर रख रहा है। उन्होंने कहा कि यह समीक्षा केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि प्रदेश की प्रगति, जनता की आकांक्षाओं और भविष्य की संभावनाओं का जीवंत दस्तावेज है।
निवेशकों का बढ़ा भरोसा, 50 लाख करोड़ के प्रस्ताव
वित्त मंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा था जब निवेशक उत्तर प्रदेश में आने से कतराते थे, लेकिन अब प्रदेश को 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के औद्योगिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश कृषि, औद्योगिक विकास और तकनीकी नवाचार का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है।
राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में बढ़ा यूपी का योगदान
खन्ना ने बताया कि राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश का योगदान वर्ष 2016-17 के 8.6 प्रतिशत से बढ़कर 2024-25 में 9.1 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 2017 से शुरू हुए विकास कार्यों को इसका श्रेय दिया।
विपक्ष का आरोप, चर्चा की मांग
मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने आर्थिक समीक्षा पर सवाल उठाए हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता संग्राम यादव ने इसे राज्यपाल के अभिभाषण की दूसरी प्रति बताया और कहा कि कार्य मंत्रणा समिति में इस रिपोर्ट की जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने सदन में इस पर चर्चा कराने की मांग की।
सरकार का जवाब
इस पर वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि मंत्री जब चाहें, सदन में सरकार का पक्ष रख सकते हैं।