UP के डॉक्टर का खौफनाक इलाज! टांकों की जगह बच्चे के घाव को Fevikwik से चिपकाया, रातभर दर्द में तड़पता रहा ढाई साल का मासूम, 3 घंटे में छूटा ग्लू....

Edited By Purnima Singh,Updated: 20 Nov, 2025 06:47 PM

the doctor sealed the child s injury with feviquick

यूपी के मेरठ जिले से एक डॉक्टर की हैरान कर देने वाली लापरवाही सामने आई है। डॉक्टर ने एक ढाई साल के बच्चे की आंख के पास लगी चोट का ऐसा इलाज किया, जिसे देख हर कोई चौंक गया ....

मेरठ : यूपी के मेरठ जिले से एक डॉक्टर की हैरान कर देने वाली लापरवाही सामने आई है। डॉक्टर ने एक ढाई साल के बच्चे की आंख के पास लगी चोट का ऐसा इलाज किया, जिसे देख हर कोई चौंक गया। बच्चे को टांके लगाने की जरूरत थी, लेकिन आरोप है कि डॉक्टर ने 5 रुपये वाली फेविक्विक से उसका घाव चिपका दिया। नतीजतन बच्चा पूरी रात दर्द से तड़पता रहा और अगले दिन ही दूसरे अस्पताल में उसका सही इलाज हो सका।  

टेबल के कोने से लगी चोट 
यह अजब-गजब और मन को विचलित कर देने वाला मामला मेरठ के जागृति विहार एक्सटेंशन स्थित मेपल्स हाइट का है। यहां के निवासी फाइनेंसर सरदार जसपिंदर सिंह का ढाई साल का बेटा मनराज घर में खेलते समय टेबल के कोने से टकरा गया। चोट आंख के बिलकुल पास लगी थी इसलिए तुरंत खून निकलने लगा। यह देख परिजन घबरा गए और बच्चे को शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में लेकर पहुंचे। 

डॉक्टर ने घाव को फेविक्विक से चिपकाया, रात भर रोता रहा बच्चा 
परिजनों का आरोप है कि यहां मौजूद डॉक्टर ने टांके लगाने की बात तो दूर घाव को ठीक से देखा भी नहीं और न ही बच्चे को फर्स्ट एड दिया। डॉक्टर ने माता–पिता से पांच रुपये वाली फेविक्विक मंगवाई और बच्चे का घाव साफ किए बिना ही कटे हिस्से को फेविक्विक से चिपका दिया। जसपिंदर सिंह बताते हैं कि बच्चा लगातार दर्द से तड़पता  रहा और डॉक्टर बार-बार आश्वस्त करता रहा कि बच्चा घबराया हुआ है, इसलिए ऐसे कर रहा है। थोड़ी देर में दर्द कम हो जाएगा। लेकिन दर्द कम होने की बजाय पूरी रात बढ़ता ही रहा। 

3 घंटे में छूटा ग्लू
बच्चे की हालत देख बेचैन माता-पिता सुबह होते ही उसे बिना देर किए लोकप्रिय अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों को जब पता चला कि चोट पर फेविक्विक लगा दी गई है, तो उन्होंने साफ कहा कि यह स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती थी। अगर फेविक्विक का थोड़ा सा हिस्सा भी आंख में चला जाता, तो बच्चे की रोशनी प्रभावित होने का जोखिम था। दूसरे अस्पताल के डॉक्टरों को फेविक्विक छुड़ाने में पूरे तीन घंटे लगे, इसके बाद बच्चे को चार टांके लगाए गए।  

सीएमओ ने बैठाई जांच 
मेरठ के सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एक जांच समिति गठित की, जो पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। सीएमओ ने कहा कि रिपोर्ट आने के बाद जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

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