Edited By Ramkesh,Updated: 16 Sep, 2026 01:02 PM

उत्तर प्रदेश के बरेली विकास प्राधिकरण में वर्तमान उपाध्यक्ष समेत कुछ अधिकारियों और ठेकेदारों पर कथित भ्रष्टाचार, अवैध वसूली, निविदा प्रक्रिया में अनियमितता और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस संबंध में अधिवक्ता निर्मल सिंह ने 8 सितंबर...
बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली विकास प्राधिकरण में वर्तमान उपाध्यक्ष समेत कुछ अधिकारियों और ठेकेदारों पर कथित भ्रष्टाचार, अवैध वसूली, निविदा प्रक्रिया में अनियमितता और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस संबंध में अधिवक्ता निर्मल सिंह ने 8 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मामले की उच्चस्तरीय एवं स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सीमा पाण्डेय, उनके निजी सहायक तथा मुख्य अभियंता से जुड़े कुछ मामलों में ठेकेदारों के साथ कथित गठजोड़ और आर्थिक लेन-देन किया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने कुछ ठेकेदारों के नाम भी पत्र में दर्ज किए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि दस्तावेज से नहीं होती है और संबंधित पक्षों का पक्ष इसमें उपलब्ध नहीं है।
निविदाओं को लेकर सवाल उठाए
शिकायत में प्राधिकरण की विभिन्न निविदाओं को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। पत्र के मुताबिक, कुछ परियोजनाओं में भूमि का अंतिम निर्धारण और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने से पहले ही निविदाएं आमंत्रित किए जाने का आरोप है। साथ ही निविदा स्वीकृति और भुगतान प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का भी उल्लेख किया गया है।
ठेकेदारों से काम दिलाने के नाम पर धन उगाही
अधिवक्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ ठेकेदारों से काम दिलाने के नाम पर कथित तौर पर धन की मांग की जाती है। पत्र में नए अभियंताओं की तैनाती और पदस्थापन के दौरान कथित धन वसूली का भी आरोप लगाया गया है।
कार्रवाई की उठाई मांग
शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की स्वतंत्र जांच, संबंधित निविदाओं और भुगतान की जांच तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं ठेकेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि शिकायत पर शासन स्तर से क्या कार्रवाई की जाती है।