Edited By Anil Kapoor,Updated: 30 Sep, 2025 09:54 AM

Bareilly News: बरेली हिंसा के चार दिन बाद भी पुलिस की सख्त कार्रवाई जारी है। अब तक पुलिस ने 60 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि इस हिंसा की योजना काफी पहले से बनाई गई थी। इस मामले के 2 मुख्य मास्टरमाइंड मौलाना तौकीर...
Bareilly News: बरेली हिंसा के चार दिन बाद भी पुलिस की सख्त कार्रवाई जारी है। अब तक पुलिस ने 60 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि इस हिंसा की योजना काफी पहले से बनाई गई थी। इस मामले के 2 मुख्य मास्टरमाइंड मौलाना तौकीर रजा और नदीम हैं। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। नदीम ने लोगों को व्हाट्सएप कॉल करके बरेली बुलाया था।
नदीम ने फैलाया था हिंसा का जाल
पुलिस की जानकारी के मुताबिक नदीम ने 55 लोगों को व्हाट्सएप पर कॉल किया था। इन 55 लोगों के जरिए शहर में हिंसा फैलाने के लिए लगभग 1600 लोग जुटाए गए थे। नदीम ने लोगों को कहा था कि वे सीएए-एनआरसी विरोध प्रदर्शन की तरह नाबालिगों को आगे रखें। इसी वजह से खलील स्कूल तिराहा और पिर श्यामगंज इलाकों में माहौल खराब हुआ।
तौकीर के करीबियों की 150 करोड़ की संपत्ति जब्त
पुलिस ने इस मामले की जांच के दौरान आईएमसी के प्रवक्ता डॉ. नफीस को भी हिरासत में लिया है। सोमवार को कुल 29 उपद्रवियों को जेल भेजा गया। पुलिस के मुताबिक डॉ. नफीस और उनके साथियों की लगभग 150 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई है।
बरेली में फिर शुरू हुई इंटरनेट सेवा
हिंसा के कारण बीते शनिवार शाम से बरेली में इंटरनेट सेवा बंद थी, लेकिन सोमवार सुबह से इसे फिर से शुरू कर दिया गया है।
फर्जी हस्ताक्षर के मामले में भी फंसा नदीम
आईएमसी की तरफ से एक पत्र जारी किया गया था, जिसमें नदीम, डॉ. नफीस और लियाकत खान के हस्ताक्षर थे। जांच में पता चला कि लियाकत खान के हस्ताक्षर नदीम ने फर्जी तरीके से बनाए थे। इस मामले में भी नदीम के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
पुलिस की सख्ती से बरेली में शांति
पुलिस ने अब तक कुल 62 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके खिलाफ 10 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। डॉ. नफीस को 'अंकल ऑफ आईएमसी' कहा जाता है। उनकी ऑफिस और बरेली नगर निगम के 74 दुकानें सील कर दी गई हैं। सोमवार को 29 उपद्रवियों को जेल भेजा गया। पुलिस ने कहा है कि वह इस मामले में कड़ी कार्रवाई करती रहेगी ताकि बरेली में शांति कायम रहे।