Edited By Ramkesh,Updated: 13 Jan, 2026 07:16 PM

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद राहुल गांधी जल्द ही अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन कर सकते हैं। इस बात की जानकारी बाराबंकी से कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी। उन्होंने कहा कि अब जब राम मंदिर का...
अयोध्या: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद राहुल गांधी जल्द ही अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन कर सकते हैं। इस बात की जानकारी बाराबंकी से कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी। उन्होंने कहा कि अब जब राम मंदिर का निर्माण पूर्ण हो चुका है और मंदिर में ध्वजारोहण भी हो गया है, ऐसे में राहुल गांधी का रामलला के दर्शन करना स्वाभाविक है।
राहुल गांधी के मंदिर दर्शन को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज
तनुज पुनिया ने राहुल गांधी के अब तक राम मंदिर न जाने को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए कहा कि जब मंदिर अधूरा था, तब वहां पूजा-अर्चना का सवाल नहीं उठता था। अब मंदिर का निर्माण पूरा हो गया है और सभी धार्मिक अनुष्ठान विधिवत संपन्न हो चुके हैं, इसलिए राहुल गांधी रामलला के दर्शन करेंगे। दरअसल, 23 जनवरी को 32 सदस्यीय संसदीय समिति अयोध्या दौरे पर आने वाली है, जिसमें राहुल गांधी भी शामिल हैं। समिति के दौरे और राहुल गांधी के संभावित मंदिर दर्शन को लेकर राजनीतिक और धार्मिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
महंत राजू दास बोले- सनातन धर्म पर विवादित बयान को लेकर सवाल उठाए
गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 2016 में राहुल गांधी अयोध्या आए थे। उस दौरान उन्होंने हनुमानगढ़ी में दर्शन किए थे और संत समाज से आशीर्वाद लिया था, लेकिन तब राम मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा था, इसलिए उन्होंने रामलला के दर्शन नहीं किए थे। राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से उन्हें प्राण-प्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण भी दिया गया था। इस बीच संत समाज की ओर से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने राहुल गांधी के संभावित दौरे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम की शरण में आने वाले सभी लोगों का स्वागत है। उन्होंने साथ ही राहुल गांधी से सनातन धर्म पर विवादित बयान देने वाले सहयोगी दलों को लेकर भी सवाल उठाए।
राम जी की शरण में आने से किसी को रोका नहीं जा सकता
वहीं जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने राहुल गांधी के रामलला दर्शन का स्वागत करते हुए कहा कि राम जी की शरण में आने से किसी को रोका नहीं जा सकता। हालांकि उन्होंने इस दौरे को लेकर राजनीतिक उद्देश्य का संकेत भी दिया।