सिब्बल ने सपा के समर्थन से दाखिल किया रास चुनाव का नामांकन, कहा : 16 मई को छोड़ दी थी कांग्रेस

Edited By PTI News Agency,Updated: 25 May, 2022 03:17 PM

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लखनऊ, 25 मई (भाषा) कांग्रेस के नेता रहे कपिल सिब्बल ने बुधवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के समर्थन से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया।

लखनऊ, 25 मई (भाषा) कांग्रेस के नेता रहे कपिल सिब्बल ने बुधवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के समर्थन से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संवाददाताओं को बताया कि सिब्बल ने पार्टी के समर्थन से राज्यसभा चुनाव का नामांकन दाखिल किया है।

नामांकन के दौरान सिब्बल के साथ सपा अध्यक्ष के अलावा पार्टी के प्रमुख महासचिव रामगोपाल यादव तथा अन्य वरिष्ठ सपा नेता भी मौजूद थे।

पर्चा दाखिल करने के बाद सिब्बल ने कहा, "मैंने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन भरा है और मैं अखिलेश जी का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने हमें समर्थन दिया है।"
उन्होंने यह भी कहा कि वह 16 मई को कांग्रेस से इस्तीफा दे चुके हैं और अब वह कांग्रेस के नेता नहीं हैं।
सिब्बल को समर्थन देने के मुद्दे पर अखिलेश ने कहा, "कपिल सिब्बल देश के जाने-माने अधिवक्ता हैं। वह लोकसभा में या राज्यसभा में रहे हों, उन्होंने बात को अच्छी तरह रखा है। हमें उम्मीद है कि देश में जो बड़े-बड़े सवाल हैं... आज देश किस रास्ते पर है, महंगाई रुक नहीं रही है और चीन लगातार हमारी सीमाओं पर आगे बढ़ता जा रहा है...इन तमाम बड़े सवालों पर कपिल सिब्बल समाजवादी पार्टी और अपने विचारों को आगे रखेंगे।"
कांग्रेस से नाता तोड़ने के कारण के बारे में पूछे जाने पर सिब्बल ने कहा, ''कांग्रेस से 31 साल तक मेरे गहरे रिश्ते रहे हैं। यह कोई छोटी बात नहीं है। राजीव गांधी की वजह से कांग्रेस में आया था। आप भी सोच रहे होंगे कि 31 साल बाद कांग्रेस से कोई चला जाएगा? तो कुछ न कुछ तो होगा। दिल पर बीत रहा होगा.... कभी-कभी ऐसे फैसले करने पड़ते हैं, लेकिन हमारी विचारधारा कांग्रेस से जुड़ी हुई है। हम कांग्रेस से दूर नहीं हैं, उसकी विचारधारा से दूर नहीं हैं, हम कांग्रेस की भावनाओं के साथ हैं। हम चाहते हैं हिंदुस्तान एक समावेशी भारत बने।'' इस सवाल पर कि क्या अब वह समाजवादी विचारधारा को अपनाएंगे, सिब्बल ने कहा ''हम सब समावेशी विचारधारा के साथ हैं। सपा, राष्ट्रीय लोक दल, स्टालिन, ममता बनर्जी सबके साथ हैं। हम चाहते हैं कि देश एक रहे।'' सिब्बल ने कहा, "हम विपक्ष में रहकर एक गठबंधन बनाना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि 2024 में ऐसा माहौल बने कि मोदी सरकार की जो खामियां हैं उन्हें जनता तक पहुंचाया जाए।" गौरतलब है कि सिब्बल को सपा का राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने की अटकलें मंगलवार से ही लगनी शुरू हो गई थीं। हालांकि, पार्टी ने इसकी पुष्टि नहीं की थी।
सिब्बल ने भ्रष्टाचार तथा कई अन्य आरोपों में लगभग 27 महीने तक सीतापुर जेल में बंद रहे सपा के वरिष्ठ नेता एवं विधायक आजम खां को उच्चतम न्यायालय से जमानत दिलवाने में उनके वकील के तौर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। खां अपने प्रति कथित बेरुखी को लेकर सपा नेतृत्व से नाराज हैं। माना जा रहा है कि सिब्बल को समर्थन देकर इस नाराजगी को दूर करने की कोशिश की गई है।
उत्तर प्रदेश की 11 राज्यसभा सीट के लिए नामांकन की प्रक्रिया मंगलवार को शुरू हो गई और मतदान 10 जून को होगा। प्रदेश की 403 सदस्यीय विधानसभा में सपा के 111 सदस्य हैं और वह तीन उम्मीदवारों को आसानी से राज्यसभा भेज सकती है। पार्टी ने फिलहाल सिब्बल को सपा समर्थित प्रत्याशी घोषित किया है। बाकी दो सीट पर अपने उम्मीदवारों के बारे में सपा ने अभी कोई खुलासा नहीं किया है।


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