Edited By Ramkesh,Updated: 09 Feb, 2026 03:39 PM

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में तैनात दरोगा अजय गौड़ का शव सरयू नदी में मिलने से प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस पार्टी का आरोप है कि जब एक दरोगा का भाई खुद ADM होकर अपनी पत्नी (PCS) के साथ न्याय के लिए धरने पर...
बस्ती: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में तैनात दरोगा अजय गौड़ का शव सरयू नदी में मिलने से प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस पार्टी का आरोप है कि जब एक दरोगा का भाई खुद ADM होकर अपनी पत्नी (PCS) के साथ न्याय के लिए धरने पर बैठने को मजबूर है। उत्तर प्रदेश में जंगलराज किस कदर हावी है। ये सब के सामने है। कांग्रेस ने कहा कि सवाल ये है कि जब पुलिस ही सुरक्षित नहीं, तो आम जनता किसके भरोसे है? उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। अब अपराधी बेखौफ हैं और रक्षक बेबस।
अजय गौड़ के भाई बोले ये नियोजित हत्या” है
आप को बता दें कि चार दिनों से लापता चल रहे दरोगा का शव सरयू नदी से बरामद हुआ। उसके बाद से कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मृतक के भाई ने कहा कि शव बरामद होना न सिर्फ दर्दनाक है, बल्कि पुलिस तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगाता है। मृतक के भाई, जो वर्तमान में अपर जिलाधिकारी (ADM) के पद पर तैनात हैं, ने इस घटना को “पूर्व नियोजित हत्या” करार दिया है।
भाई ने दर्ज कराई थी गुमशुदगी की रिपोर्ट
ADM अजय गौड़ के अनुसार, उनके भाई की गुमशुदगी के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और प्रारंभिक स्तर पर लापरवाही बरती गई। उनका कहना है कि यदि समय रहते ठोस कार्रवाई की जाती, तो शायद सच्चाई पहले सामने आ सकती थी। न्याय की मांग को लेकर ADM भाई अपनी पत्नी, जो PCS अधिकारी हैं, के साथ धरने पर बैठने को मजबूर हुए, जो व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है।
कानून के रक्षक खुद असहाय फिर आम नागरिकों की सुरक्षा कैसे
इस घटना ने पुलिस महकमे में भी हड़कंप मचा दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि जब एक वर्दीधारी पुलिस अधिकारी ही सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की क्या गारंटी है। विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने इस मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए उत्तर प्रदेश में ‘जंगलराज’ जैसे हालात होने का आरोप लगाया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और कानून के रक्षक खुद असहाय नजर आ रहे हैं। यह घटना राज्य की कानून-व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को उजागर करती है।
पुलिस ने जांच की तेज
परिजनों और समर्थकों ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि दोषियों को ऐसी सख्त सजा दी जाए, जो भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए नजीर बने। फिलहाल पुलिस ने जांच तेज करने और सभी पहलुओं पर पड़ताल का आश्वासन दिया है, लेकिन लोगों की नजरें अब सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।