Edited By Pooja Gill,Updated: 25 Oct, 2022 11:42 AM

दीपावली का त्योहार कुशीनगर जिले में सौहार्दपूर्ण और परम्परागत रूप से मनाई गई। लोगों ने अपने घरों को लाईट और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से सजाया। हर घर मे विधिवत लक्ष्मी और गणेश भगवान का पूजन किया गया। प्रशासन...
कुशीनगर: दीपावली का त्योहार कुशीनगर जिले में सौहार्दपूर्ण और परम्परागत रूप से मनाई गई। लोगों ने अपने घरों को लाईट और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से सजाया। हर घर मे विधिवत लक्ष्मी और गणेश भगवान का पूजन किया गया। प्रशासन द्वारा पटाखा बिक्री के लिए स्थानों का निर्धारित आबादी से बाहर खेल मैदानों में किया था। जहां देर शाम तक पटाखा खरीदारों की भीड़ लगातार बनी रही। बच्चों के साथ बड़े भी अपनी अपनी क्षमता के साथ पटाखा खरीद करते दिखे। देर रात तक आतिशबाजी होती रही। प्रशासन की तरफ से यहां अग्निशमन विभाग का एक वाहन लगातार चौकसी करता रहा। बीच बीच में अधिकारियों के वाहन भी गश्त लगाते दिखे।

लाईट, दीये और रंगोली से सजे घरों में हुई लक्ष्मी पूजा
बता दें कि जिले में इस साल दीवाली बहुत धूमधाम से मनाई गई। कहीं भी अप्रिय घटना मिलने की सूचना नहीं थी। साथ ही हर घरों को लाइट, दीपक और रंगोली से सजाया गया था। परिवार के लोग जहां विधिवत पूजन मे व्यस्त थे तो वहीं दूसरी तरफ बच्चे आतिशबाजी करते दिखे। दीवाली ने इस बार कोरोना के बाद बाजारों की रौनक लौटा दी। पटाखा व्यापारियों ने भी अपेक्षा से अधिक बिक्री की। वहीं, इस बार जिला प्रशासन ने आबादी के बाहर स्कूल या मैदान प्रांगण की जगह पटाखा बिक्री के स्थान के रूप में चिन्हित किया था।

बच्चों ने खरीदे पटाखे
धनतेरस के दिन से ही सजे इस पटाखा बाजार में उस दिन से लेकर दीपावली की शाम तक खरीदारों की भीड़ लगातार जमी रही। खासकर बच्चों ने अपने पसंद के तेज आवाज वाले पटाखों के साथ रॉकेट, रंग बिरंगी रोशनी वाली फुलझड़ी, साथ आवाज करने वाला बम, चटाई बम पर ज्यादा फोकस रखा।

बाजार में खरीदारों का लगा रहा तांता
लाइसेंसी पटाखा बनाने वाले युवा व्यवसायी मोहर्रम ने बातचीत में बताया कि, पिछले दो सालों में पटाखा कारोबार कोरोना महामारी के कारण थोड़ा धीमा था लेकिन इस बार लोगों ने अच्छे से दीपावली मनाने के लिए पटाखों की खरीदारी की है। पूरे बाजार में लोगों की भीड़ बराबर बनी रही और इस दौरान प्रशासन ने अच्छा व्यवस्था कर रखा था । लोकल पटाखों की बिक्री पर भी उन्होंने संतोष जताया है।