Edited By Ramkesh,Updated: 22 Oct, 2026 01:22 PM

उत्तर प्रदेश में गोरखपुर जिले के गुलरिहा थाना क्षेत्र में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा के दौरान करंट लगने से दो सगे भाइयों समेत तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, बुधवार शाम यह हादसा 'डीजे सिस्टम' के ऊपर लगी लोहे की रेलिंग के 11,000...
गोरखपुर: उत्तर प्रदेश में गोरखपुर जिले के गुलरिहा थाना क्षेत्र में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा के दौरान करंट लगने से दो सगे भाइयों समेत तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, बुधवार शाम यह हादसा 'डीजे सिस्टम' के ऊपर लगी लोहे की रेलिंग के 11,000 वोल्ट के हाईटेंशन तार के संपर्क में आने से हुआ। गुलरिहा थाना क्षेत्र में हुई इस घटना में एक पुलिसकर्मी सहित नौ लोग घायल हो गए।
हादसे में तीन लोगों की मौत
पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान विक्की (18), लकी (17) और चंदन (21) के रूप में हुई है। उसने बताया कि यह घटना बुधवार शाम करीब 4.30 बजे हुई, जब जंगल अयोध्या प्रसाद गांव के चौहान टोला से निकली शोभायात्रा कोल्हुआ घाट की ओर जा रही थी। शोभायात्रा के राजही चौराहे के पास पहुंचने पर 'डीजे सिस्टम' के ऊपर लगी लोहे की रेलिंग बिजली के तार से छू गई, जिससे वाहन के पास खड़े 12 लोग करंट की चपेट में आ गए। घायलों को तुरंत बीआरडी (बाबा राघव दास) मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने तीन युवकों को मृत घोषित कर दिया।
ये लोग हुए हादसे का शिकार
पुलिस ने बताया कि घायलों में पुष्पा देवी, नंदिनी, धीरेंद्र उर्फ मोनू, अंशिका चौहान, शनि चौहान, प्रियांशु, शिवानी और शांतनु शामिल हैं। उसने बताया कि बीट कांस्टेबल धनंजय पांडे भी घायल हो गए और उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि सभी नौ घायल अब खतरे से बाहर हैं। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने विसर्जन शोभायात्रा के दौरान बिजली आपूर्ति बंद करने की मांग की थी, लेकिन बिजली नहीं काटी गई। नाराज लोगों ने शाम करीब छह बजे बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बाहर चार लेन वाली गोरखपुर-महराजगंज सड़क को बाधित कर दिया जिससे करीब एक किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई। तनाव बढ़ने पर इलाके की 50 से ज्यादा दुकानें बंद करनी पड़ीं और मौके पर प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) की दो बटालियन तैनात की गईं।
घटना से नाराज लोगों ने किया प्रदर्शन
प्रदर्शनकारियों को शांत करने के लिए जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कौस्तुभ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन की कार्रवाई और करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद देर शाम जाम खुलवाया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि इस मामले में एक कनिष्ठ अभियंता और दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि लाइनमैन को सेवा से हटा दिया गया है। जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है, जिसमें अपर जिलाधिकारी (नगर), अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) और अधीक्षण अभियंता (ग्रामीण विद्युत) शामिल हैं। समिति को तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
इस बीच, मृतकों के परिवारों ने एक ज्ञापन सौंपकर घटना के लिए जिम्मेदार बिजली विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा विसर्जन शोभायात्रा में तैनात पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध किया है। उन्होंने मदारहवा बिजली उपकेंद्र से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निलंबित करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की। परिवारों ने प्रत्येक मृतक के परिवार को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा, प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और घायलों को आर्थिक सहायता दिए जाने की भी मांग की है। उन्होंने घायलों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से भी 50-50 लाख रुपये की सहायता दिए जाने की भी मांग की।