Ram Mandir Pran Prathistha: मोहन भागवत बोले- 'मतभेद त्याग कर एकजुट रहें, क्योंकि राम राज्य आ रहा है'

Edited By Anil Kapoor,Updated: 23 Jan, 2024 10:27 AM

leave aside differences and stay united because ram rajya is coming

Ram Mandir Pran Prathistha: राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने सोमवार को भगवान राम के बाल स्वरूप के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के बाद कहा कि राम राज्य आ रहा है और देश में सभी को मतभेद त्याग कर एकजुट रहना चाहिए। सोमवार को...

Ram Mandir Pran Prathistha: राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने सोमवार को भगवान राम के बाल स्वरूप के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के बाद कहा कि राम राज्य आ रहा है और देश में सभी को मतभेद त्याग कर एकजुट रहना चाहिए। सोमवार को अयोध्या में नवनिर्मित राम मंदिर में रामलला की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की गई, जिसका नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया और इसे लाखों लोगों ने अपने घरों और देशभर के मंदिरों में टेलीविजन पर देखा। अयोध्या में श्री रामलला के नवीन विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यहां आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अकेले ही तप किया है और अब हम सभी को यह करना है। भागवत ने कहा कि अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के साथ साथ भारत का आत्म गौरव भी लौटा है। उन्होंने कहा कि आज का कार्यक्रम नए भारत का प्रतीक है जो खड़ा होगा और पूरी दुनिया की मदद करेगा।

PunjabKesari

रामलला 500 साल बाद कई लोगों की तपस्या की वजह से वापस लौटे हैं: मोहन भागवत
मिली जानकारी के मुताबिक, भागवत ने कहा कि रामलला 500 साल बाद कई लोगों की तपस्या की वजह से वापस लौटे हैं और ‘‘मैं उन लोगों के कठोर परिश्रम और त्याग को शत शत नमन करता हूं।'' उन्होंने कहा ‘‘लेकिन राम क्यों गए ? वह इसलिए गए क्योंकि अयोध्या में कलह थी। राम राज्य आ रहा है और हमें सभी मतभेद त्याग कर, कलह खत्म कर छोटे छोटे मुद्दों पर लड़ना झगड़ना बंद करना होगा। हमें अपना अहंकार त्यागना होगा और एकजुट रहना होगा।'' आरएसएस प्रमुख ने कहा कि यह सर्वविदित है कि राम सर्वव्यापी हैं तथा “हमें अपने बीच ही समन्वय करना होगा।” उन्होंने कहा कि धर्म का पहला सत्य आचरण ही एकजुट रहना है। भागवत ने कहा कि करुणा दूसरा आचरण है।

PunjabKesari

उन्होंने लोगों से कहा कि जो कुछ भी अर्जित किया जाता है, उसका न्यूनतम हिस्सा अपने लिए रख कर शेष को परमार्थ के लिए देना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘यही करुणा का मतलब है। आपको अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण रखना होगा। सरकारी योजनाएं गरीब को राहत दे रही हैं, हमें भी समाज को देखना चाहिए क्योंकि हर कोई हमारा भाई है, अपना है। जहां भी आप दुख या पीड़ा देखते हैं, वहां आपको सेवा करनी चाहिए।'' उन्होंने लोगों से लालची न बनने और अनुशासित जीवन जीने के लिए कहा। उन्होंने कहा ‘‘हमें हमारे देश को एक वैश्विक पथ प्रदर्शक बनाने के लिए मिलकर काम करना होगा।''

PunjabKesari

'हमारा संपूर्ण राष्ट्र व पूरा विश्व आज भगवान राम की प्रतिष्ठा से आलोकित'
मणिराम छावनी के महंत और राम जन्‍म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास ने अपने संबोधन में कहा, “हम लोग भगवान राम की पावन भूमि पर हृदय से अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं।”राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि जी महराज ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ''हमारा संपूर्ण राष्ट्र व पूरा विश्व आज भगवान राम की प्रतिष्ठा से आलोकित है। यह केवल एक मंदिर में एक मूर्ति की प्रतिष्ठा नहीं है, यह इस देश के आत्‍मविश्‍वास की प्रतिष्ठा है।'' उन्‍होंने प्राण प्रतिष्ठा के लिए प्रधानमंत्री मोदी के व्रत व साधना की सराहना करते हुए कहा, ''हमने कहा था कि तीन दिनों तक भूखे रहना, भूमि पर शयन करना लेकिन मोदी जी ने 11 दिन तक अन्न का त्याग किया और भूमि पर शयन किया।'' उन्होंने मोदी की तुलना छत्रपति शिवाजी महाराज से की।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!