अयोध्या में धूमधाम से मनाई गई रामनवमी, 'श्रृंगार' और 'सूर्य तिलक' का अलौकिक संगम बना आकर्षण का केंद्र

Edited By Purnima Singh,Updated: 27 Mar, 2026 05:34 PM

sun tilak of ram lalla in ayodhya on ram navami

भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव रामनवमी का पर्व शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में अत्यधिक भव्यता और श्रद्धा के साथ मनाया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार इस अवसर पर 10 लाख से अधिक श्रद्धालु...

अयोध्या : भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव रामनवमी का पर्व शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में अत्यधिक भव्यता और श्रद्धा के साथ मनाया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार इस अवसर पर 10 लाख से अधिक श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, राम मंदिर में दोपहर 12 बजे वैज्ञानिक तकनीक की मदद से रामलला का दिव्य 'सूर्य तिलक' किया गया। इस दौरान करीब नौ मिनट तक सूर्य की किरणें सीधे भगवान के मस्तक पर पड़ीं। 

गर्भगृह में 14 पुजारियों ने वैदिक परंपरा के अनुसार अनुष्ठान संपन्न किए। समारोह के उपरांत मंदिर के कपाट कुछ समय के लिए बंद कर भगवान को 56 व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया। श्रीराम की प्रतिमा की स्थापना के बाद यह दूसरा 'सूर्य तिलक' समारोह था। रामनवमी का पर्व चैत्र नवरात्र के नौवें दिन मनाया जाता है, यह भगवान श्रीराम के जन्म का प्रतीक पर्व है। सुबह सूर्योदय के साथ ही उत्सव की शुरुआत सूर्य आराधना से हुई, जबकि दोपहर में भगवान के जन्म के समय सभी मंदिरों में विशेष पूजन और अनुष्ठान आयोजित किए गए। 

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अयोध्या के पुजारी अनुराग शुक्ला ने बताया कि श्रद्धालुओं ने भक्ति गीत गाए और पालने में विराजमान रामलला की प्रतिमा को झुलाकर जन्मोत्सव मनाया। इस अवसर पर भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान की रथयात्राएं विभिन्न मंदिरों से निकाली गईं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सरयू नदी के तट पर पवित्र स्नान किया, जबकि कई श्रद्धालुओं ने व्रत भी रखा। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर अयोध्या को विभिन्न जोन और सेक्टरों में बांटा गया था। अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) गौरव ग्रोवर ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यातायात में बदलाव किया गया और भारी वाहनों का मार्ग पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की ओर मोड़ा गया। 

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उन्होंने बताया कि अर्धसैनिक बलों, पीएसी और स्थानीय पुलिस के साथ जल पुलिस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें भी तैनात रहीं, जिन्होंने विशेष रूप से सरयू नदी के आसपास निगरानी रखी। गर्मी से तीर्थयात्रियों को राहत दिलाने के लिए राम मंदिर और हनुमानगढ़ी सहित प्रमुख स्थानों पर छांव और चटाई की व्यवस्था की गई थी। सभी प्रमुख स्थलों पर पीने का पानी उपलब्ध कराया गया था। 

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