जेल से छूटते ही मेरठ में गुंडागर्दी का तांडव! रालोद जिलाध्यक्ष के भाई-भतीजे का देर रात जुलूस, हवा में फायरिंग—15 समर्थक गिरफ्तार

Edited By Anil Kapoor,Updated: 18 Nov, 2025 01:07 PM

late night procession of brother and nephew of rld district president firing

Meerut News: मेरठ जिले में राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) जिलाध्यक्ष के भाई और भतीजों के जमानत पर जेल से छूटने के बाद सोमवार किठौर कस्बे में देर रात जुलूस निकालकर हवा में गोलियां चलाने और कारों से स्टंट करके दहशत फैलाने के आरोप में पुलिस ने 15 लोगों को...

Meerut News: मेरठ जिले में राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) जिलाध्यक्ष के भाई और भतीजों के जमानत पर जेल से छूटने के बाद सोमवार किठौर कस्बे में देर रात जुलूस निकालकर हवा में गोलियां चलाने और कारों से स्टंट करके दहशत फैलाने के आरोप में पुलिस ने 15 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। जिला पुलिस के एक प्रवक्ता ने मंगलवार को बताया कि रालोद के जिलाध्यक्ष मतलूब के भाई फारूख और भतीजों आफताब और नदीम वर्ष 2000 में नगर पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के दौरान हुई गोलीबारी की घटना में आरोपी हैं।

जमानत पर छूटते ही किठौर में फायरिंग और हंगामा
मिली जानकारी के मुताबिक, दोनों सोमवार को जमानत पर रिहा होने के बाद प्रशासन से इजाजत लिए बगैर देर रात किठौर कस्बे में काफिले के साथ पहुंचे। उन्होंने बताया कि समर्थकों ने हवा में गोलियां चलाईं और पटाखों और गाड़ियों के शोर से दहशत का माहौल बना दिया। ड्यूटी पर मौजूद निरीक्षक अपराध अरविंद कुमार ने उन्हें रोकना चाहा लेकिन आरोपी नहीं माने। इसके बाद पुलिस ने 15 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई है।

2000 के गोलीकांड मामले में पहले भी दर्ज था मुकदमा
पुलिस सूत्रों ने बताया कि वर्ष 2000 में नगर पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी के विधायक एवं पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर के रिश्तेदार और बाद में विजेता घोषित किए गए शम्स परवेज के घर पर हुए हमले के मामले में रालोद जिलाध्यक्ष मतलूब के भाई फारूख और भतीजों आफताब और नदीम पर मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने इन सभी को गिरफ्तार कर लिया था।

अराजकता के आरोपों की जांच, कड़ी कार्रवाई के संकेत
उन्होंने बताया कि इस प्रकरण में 21 मार्च 2025 को अदालत ने सभी को 6-6 साल कैद की सजा सुनाई थी। बाद में उच्च न्यायालय से जमानत मिलने पर उन्हें सोमवार की शाम को मेरठ जेल से रिहा कर दिया गया था। अपर पुलिस अधीक्षक—ग्रामीण अभिजीत कुमार ने बताया कि जमानत पर छूटने के बाद आरोपियों और समर्थकों ने अराजकता फैलायी, जिसकी जांच की जा रही है। गोलीबारी की पुष्टि होने पर संबंधित धाराओं में भी कार्रवाई की जाएगी।

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