कौशांबी: शक्ति पीठ कड़ा धाम में नवरात्र से पहले जुटने लगी भक्तों की भीड़, 6 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना

Edited By Mamta Yadav,Updated: 25 Sep, 2022 10:26 PM

kaushambi crowd of devotees started gathering in shakti peeth kada dham

उत्तर प्रदेश के कौशांबी स्थित शक्तिपीठ कड़ा धाम में सोमवार को शारदीय नवरात्र शुरु होने से पहले ही शीतला देवी शक्तिपीठ पर श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरु हो गया है। कड़ा धाम शारदा देवी शक्ति पीठ देश के 51 शक्तिपीठों में शामिल है।

कौशांबी: उत्तर प्रदेश के कौशांबी स्थित शक्तिपीठ कड़ा धाम में सोमवार को शारदीय नवरात्र शुरु होने से पहले ही शीतला देवी शक्तिपीठ पर श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरु हो गया है। कड़ा धाम शारदा देवी शक्ति पीठ देश के 51 शक्तिपीठों में शामिल है। यहां सोमवार से नवरात्र मेला शुरू हो रहा है। इस स्थल पर रविवार से ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया है। नौ दिन तक चलने वाला यह मेला नवमी के दिन 4 अक्टूबर को समाप्त होगा। मेला आयोजकों ने इस साल पहले से ज़्यादा देवी उपासकों के पहुंचने की संभावना जतायी है।   
    
PunjabKesari

प्राचीन काल से शक्ति उपासकों के आस्था एवं विश्वास का केंद्र
शक्तिपीठ कौशांबी जिला मुख्यालय मंझनपुर से 23 किलोमीटर दूर गंगा के किनारे शीतला धाम कड़ा के नाम से विख्यात है। दूरदराज के इलाकों से आये श्रद्धालुओं को शक्तिपीठ तक पहुंचने के लिए सिराथू रेलवे स्टेशन आना पड़ता है या फिर इलाहाबाद कानपुर मार्ग पर स्थित सैनी बस स्टॉप से टैक्सी द्वारा कड़ा धाम पहुंचा जाता है। शीतला देवी शक्तिपीठ कड़ा धाम प्राचीन काल से शक्ति उपास्को के आस्था एवं विश्वास का केंद्र रहा है।

6 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के मेले में आने की संभावना
शक्तिपीठ शीतला देवी धाम में वैसे तो साल भर श्रद्धालुओं का देवी दर्शनार्थ आने का सिलसिला चलता रहता है, लेकिन साल में दो बार नवरात्र के अवसर पर यहां देश भर से लाखों श्रद्धालु आते हैं। मेला आयोजकों ने शारदीय नवरात्र में इस साल लगभग 06 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के कड़ा धाम आने की संभावना व्यक्त की है।        

जानिए, क्या है मान्यता
पुराणों में वर्णित कथा के अनुसार प्रजापति दक्ष के द्वारा अपने दामाद भगवान शिव का अपमान करने से दक्ष पुत्री देवी सती ने योगाग्नि से स्वयं को हवन कुंड में आत्मदाह कर लिया। इससे क्रोधित भगवान शिव जब तांडव करने लगे तो तीनों लोक में हलचल मच गई। भगवान शिव का क्रोध शांत करने के लिए भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से देवी सती के शव का विखंडन कर दिया। सती का एक हाथ जिस स्थान पर गिरा वहां कड़ा शक्तिपीठ स्थापित हो गयी। उस स्थान पर मां शीतला देवी का मंदिर स्थापित कर दिया गया। तब से लेकर शक्ति उपासकों के लिये यह स्थान आस्था का केंद्र बना हुआ है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!