Edited By Anil Kapoor,Updated: 29 Nov, 2025 12:52 PM

Baghpat News: बागपत जिले के बड़ौत कस्बे में रहने वाले रक्षित राणा ने ऐसा कदम उठाया है, जिसकी पूरे इलाके में चर्चा हो रही है। उनकी शादी दिल्ली की दिव्या से तय हुई थी और सगाई के दिन लड़की वालों ने परंपरा के तहत 21 लाख रुपए का चेक 'तिलक' में देने की...
Baghpat News: बागपत जिले के बड़ौत कस्बे में रहने वाले रक्षित राणा ने ऐसा कदम उठाया है, जिसकी पूरे इलाके में चर्चा हो रही है। उनकी शादी दिल्ली की दिव्या से तय हुई थी और सगाई के दिन लड़की वालों ने परंपरा के तहत 21 लाख रुपए का चेक 'तिलक' में देने की तैयारी की थी। लेकिन ठीक उसी समय रक्षित ने वह कर दिखाया, जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी।
मंच पर ही दहेज लौटाया, कहा— 'दहेज अभिशाप है'
जैसे ही परिजन चेक देने लगे, रक्षित ने तुरंत वह चेक लौटाकर कहा कि दहेज एक अभिशाप है, मैं इसे स्वीकार नहीं कर सकता। उनकी ये बात सुनते ही पूरा माहौल तालियों से गूंज उठा। सगाई समारोह के दौरान मौजूद लोग दूल्हे की इस सोच से बेहद प्रभावित हुए।
वीडियो वायरल, पूरे इलाके में तारीफ
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, और रक्षित की जमकर सराहना होने लगी। रक्षित पेशे से फाइनेंस एक्सपर्ट हैं और एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करते हैं। आर्थिक रूप से मजबूत होने के बावजूद दहेज ठुकराकर उन्होंने बड़ा संदेश दिया—समाज में बदलाव की शुरुआत खुद से होनी चाहिए।
लड़के वाले बोले— 'इज्जत और संस्कार दहेज से बड़े'
सबसे खास बात यह रही कि रक्षित के परिवार ने भी उनके फैसले का पूरा समर्थन किया। उन्होंने कहा कि आपने हमें अपनी बेटी दे दी, इससे बड़ा उपहार कोई नहीं। लड़की वालों ने फिर भी 21 लाख रुपये उपहार के रूप में देने की बात कही। इस पर लड़के पक्ष ने विनम्रता से कहा कि अगर देना ही चाहते हैं, तो बस 1 रुपये का प्रतीकात्मक उपहार दे दीजिए।
'पहले से तय था कि दहेज नहीं लूंगा'
रक्षित राणा ने कहा कि उन्होंने पहले ही निश्चय कर लिया था कि उनकी शादी बिना दहेज ही होगी। उन्होंने कहा कि दहेज प्रथा समाज के लिए ठीक नहीं है। मैं इसकी शुरुआत खुद से ही बदलना चाहता हूं।
समाज में बनी सकारात्मक मिसाल
रक्षित के इस कदम ने दोनों परिवारों के बीच भरोसा और सम्मान तो बढ़ाया ही, साथ ही समाज में भी एक बड़ी सकारात्मक मिसाल कायम की।