Edited By Pooja Gill,Updated: 02 Apr, 2026 05:04 PM

Gas Crisis Impact: पश्चिम एशिया में छिड़े युद्ध का असर अब बढ़ता जा रहा है। युद्ध की वजह से हुए तेल और गैस संकट का असर अब उद्योगों पर भारी पड़ने लगा...
Gas Crisis Impact: पश्चिम एशिया में छिड़े युद्ध का असर अब बढ़ता जा रहा है। युद्ध की वजह से हुए तेल और गैस संकट का असर अब उद्योगों पर भारी पड़ने लगा है। गैस संकट ने तो लोगों की कमर तोड़ दी है। छोटे उद्योग तो बंद होने की कगार पर है। साड़ी उद्योग, चांदी, गिलट, टोंटी उद्योग, प्रिटिंग प्रेस और होटल-रेस्टोरेंट सभी प्रभावित हैं।
बंदिशों की वजह से उद्योगों पर पड़ा भारी असर
बता दें कि युद्ध की वजह से एलपीजी, सीएनजी, पीएनजी और पेट्रोलियम पदार्थों के वितरण में बंदिशे लग गई है। लोगों को एलपीजी गैस सिलेंडर नहीं मिल रहे है। इन बंदिशों का सीधा असर उद्योगों पर पड़ रहा है। मथुरा के प्रमुख उद्योगों में एक साड़ी उद्योग के उत्पादन में 30 से 35 फीसदी की गिरावट आ गई है। वहीं, पीएनजी सप्लाई करने वाली कंपनी ने 18 मार्च के बाद नई बंदिश लगाई है। इसमें पिछले छह महीने में खर्च की गई कुल गैस का 70 फीसदी ही सप्लाई की जाएगी। इस वजह से गैस आपूर्ति में 30 फीसदी तक की कमी आ गई। जिससे लोगों को भारी नुकसान हुआ।
क्या हो सकता है महंगा
जानकारी के मुताबिक, गिलट उद्योग बुरी तरह प्रभावित है। मेटल की कीमतें और बढ़ गई हैं। गैस आपूर्ति के संकट से गिलट के आयटम के दाम भी बढ़ गए है। कई छोटे उद्योग तो बंद होने वाले है। इस संकट के असर से महंगाई बढ़ रही है। चांदी उद्योग पर भी असर पड़ा है। चांदी पहले ही महंगी थी और इस संकट के बाद अब इस पर फिर असर पड़ सकता है। प्रिटिंग के दाम भी बढ़ गए हैं। कलर भी महंगे हो गए हैं। इन सबका असर बाजार में दिखाई देने लगा है। इसी तरह कई चीजों पर भी इसका असर पर रहा है।