'AI हमारे लिए सुविधा... तकनीक मानव से संचालित हो, इंसान तकनीक से नहीं', उत्तर प्रदेश एआई एवं स्वास्थ्य नवाचार सम्मेलन में बोले CM Yogi

Edited By Purnima Singh,Updated: 12 Jan, 2026 02:10 PM

cm yogi said at the uttar pradesh ai and health innovation conference

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कृत्रिम मेधा (एआई) के सही दिशा, भरोसे और बेहतर समावेशन के साथ उपयोग पर जोर देते हुए सोमवार को कहा कि तकनीक मानव द्वारा संचालित होनी चाहिए, न कि इंसान तकनीक से संचालित हो .....

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कृत्रिम मेधा (एआई) के सही दिशा, भरोसे और बेहतर समावेशन के साथ उपयोग पर जोर देते हुए सोमवार को कहा कि तकनीक मानव द्वारा संचालित होनी चाहिए, न कि इंसान तकनीक से संचालित हो। मुख्यमंत्री ने राज्य की राजधानी लखनऊ में आयोजित ‘उत्तर प्रदेश एआई एवं स्वास्थ्य नवाचार सम्मेलन' को संबोधित करते हुए कहा कि अगले दो दिन तक इस सम्मेलन में कई अहम विषयों पर चर्चा की जाएगी, लेकिन वह इतना अवश्य कहना चाहेंगे कि एआई हमारी सुविधा के लिए होना चाहिए। 

'एआई हमारे लिए सुविधा है, लेकिन मानव उससे संचालित न हो'
उन्होंने कहा, “मैं इस बारे में अवश्य कहना चाहूंगा कि एआई हमारे लिए सुविधा है। यह हमारे लिए सहायक बनेगा, हमारे कार्यों को आसान बनाएगा और हमारे दृष्टिकोण को नयी ऊंचाई देने में योगदान करेगा, लेकिन हमें यह अवश्य ध्यान रखना होगा कि कोई भी तकनीक मानव द्वारा संचालित होनी चाहिए, मानव उसके द्वारा संचालित न हो।” आदित्यनाथ ने कहा, “एआई सही दिशा, भरोसे और समावेशन के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ, सटीक और न्यायसंगत बना सकता है। तकनीक जब संवेदना से जुड़ती है, नीति जब नवाचार से संचालित होती है और शासन जब विश्वास पर आधारित होता है, तभी विकास समावेशी बनता है और भविष्य सुरक्षित होता है।” 

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'यूपी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है' 
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश इस दिशा में वैश्विक सोच, नवाचार और निवेश का अग्रणी केंद्र बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि एआिई, सेमीकंडक्टर, मिड टेक और डिजिटल नवाचार के माध्यम से उत्तर प्रदेश एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने एआई का उपयोग केवल स्वास्थ्य क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि ‘यूपी एग्रीस' में भी किया है और उत्तर प्रदेश ऐसा पहला राज्य है जिसने विश्व बैंक के साथ मिलकर इस कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ाया है। 

80 हजार दुकानों पर ‘ई-पॉज' मशीनें लगवाई गईं - CM Yogi 
उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली में व्याप्त धांधली को रोकने के लिए ‘ई-पॉज' मशीनें लगाए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि 2017 में उनकी सरकार बनने के बाद राशन वितरण में गड़बड़ियों की शिकायतों पर प्रदेश की उचित मूल्य की सभी 80 हजार दुकानों पर ‘ई-पॉज' मशीनें लगवाई गईं और डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से निगरानी की गई। उन्होंने कहा कि इन दुकानों पर छापेमारी भी की गई। इसका परिणाम यह है कि आज धांधली की एक भी शिकायत नहीं आती है। मुख्यमंत्री ने कहा, “शासन का विश्वास अर्जित करने और शासन के दृष्टिकोण को जमीनी स्तर पर उतारने में तकनीक कैसे बदलाव ला सकती है, यह उसका एक उदाहरण है। ऐसे अनेक उदाहरण हमने पिछले 11 वर्षों के दौरान धरातल पर उतरते देखे हैं।” 

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'अब योजनाओं का लाभ आखिरी व्यक्ति तक पहुंच रहा' 
उन्होंने जनकल्याणकारी योजनाओं और विभिन्न पेंशन योजनाओं की राशि पात्र लोगों के बैंक खातों में सीधे अंतरित किए जाने का भी उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘इससे लोगों को योजनाओं का 100 प्रतिशत लाभ मिल रहा है। अब कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच रहा है।'' मुख्यमंत्री ने कहा कि जब शासन के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत होता है तो योजनाएं तेजी से आगे बढ़ती दिखाई देती हैं। 

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