यूपी को वैश्विक टेक्सटाइल हब बनाने का लक्ष्य, CM योगी बोले- ‘उत्तर प्रदेश’ का मतलब ‘अल्टिमेट पोटेंशियल’

Edited By Ramkesh,Updated: 08 Sep, 2026 06:54 PM

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि उत्तर प्रदेश का मतलब ‘अल्टिमेट पोटेंशियल’ है। प्रदेश के पास विरासत, हुनर, मानव संसाधन, उद्योग, उद्यमिता और देश का सबसे बड़ा बाजार मौजूद है। उन्होंने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा युवा कार्यबल भी उत्तर...

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि उत्तर प्रदेश का मतलब ‘अल्टिमेट पोटेंशियल’ है। प्रदेश के पास विरासत, हुनर, मानव संसाधन, उद्योग, उद्यमिता और देश का सबसे बड़ा बाजार मौजूद है। उन्होंने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा युवा कार्यबल भी उत्तर प्रदेश के पास है और इसी ताकत के दम पर प्रदेश को वैश्विक स्तर पर कपड़ों का केंद्र बनाया जाएगा।

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फाइबर से ब्रांड तक पूरी वैल्यू चेन यूपी में विकसित करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य फाइबर से यार्न, यार्न से फैब्रिक, फैब्रिक से गारमेंट और गारमेंट से ब्रांड तक पूरी मूल्य श्रृंखला को उत्तर प्रदेश में विकसित करना है। इससे प्रदेश के वस्त्र उद्योग को वैश्विक बाजार में नई पहचान मिलेगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

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टेक्सटाइल्स कॉन्क्लेव में 5,196 करोड़ के निवेश के एमओयू
मुख्यमंत्री दो दिवसीय उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल्स कॉन्क्लेव-2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश टेक मित्र पोर्टल की शुरुआत की और हथकरघा बुनकर समृद्धि योजना भी लॉन्च की। कार्यक्रम में वस्त्र क्षेत्र में 5,196 करोड़ रुपये के नए निवेश प्रस्तावों के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए। इसके अलावा 163 करोड़ रुपये के लेटर ऑफ कम्फर्ट और 60 करोड़ रुपये की सब्सिडी का भी वितरण किया गया।

काशी की सिल्क साड़ी से भदोही के कालीन तक समृद्ध विरासत
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की वस्त्र क्षेत्र के रूप में पहचान हजारों साल पुरानी है। वैदिक साहित्य से लेकर रामायण और महाभारत तक में काशी के रेशमी वस्त्रों का उल्लेख मिलता है। उन्होंने कहा कि वाराणसी की सिल्क साड़ी, भदोही का कालीन, लखनऊ की चिकनकारी, बरेली की जरी, कानपुर का कपड़ा उद्योग और मेरठ में टेक्निकल टेक्सटाइल की संभावनाएं प्रदेश की विरासत और औद्योगिक क्षमता को दर्शाती हैं।

दो लाख हथकरघा और पांच लाख से अधिक पावरलूम बुनकर बड़ी ताकत
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में करीब दो लाख हथकरघा और पांच लाख से अधिक पावरलूम बुनकर वस्त्र क्षेत्र की असली ताकत हैं। कृषि के बाद वस्त्र उद्योग सबसे ज्यादा रोजगार देने वाले क्षेत्रों में शामिल है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश फैब्रिक विनिर्माण में देश में तीसरे स्थान पर है और इसमें प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 13 से 14 प्रतिशत है।

छह साल में टेक्सटाइल और हस्तशिल्प निर्यात में 56 फीसदी वृद्धि
योगी ने कहा कि पिछले छह वर्षों में उत्तर प्रदेश के वस्त्र, परिधान और हस्तशिल्प निर्यात में करीब 56 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। प्रदेश इस क्षेत्र में देश का चौथा सबसे बड़ा निर्यातक राज्य बन गया है। वर्ष 2025-26 में 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निर्यात के साथ गौतमबुद्ध नगर देश के प्रमुख निर्यातक जिलों में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।

2030 तक 350 अरब डॉलर की टेक्सटाइल अर्थव्यवस्था में यूपी की बड़ी भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2030 तक 350 अरब अमेरिकी डॉलर की वस्त्र एवं परिधान अर्थव्यवस्था और 100 अरब डॉलर के निर्यात का लक्ष्य रखा है। इस राष्ट्रीय संकल्प में उत्तर प्रदेश अपनी पूरी क्षमता के साथ योगदान देगा।

35 से ज्यादा जिलों के उत्पादों को ODOP से नई पहचान
योगी ने कहा कि एक जिला, एक उत्पाद (ODOP) योजना के माध्यम से प्रदेश के 35 से अधिक जिलों के वस्त्र और हथकरघा उत्पादों को नई पहचान मिली है। वहीं प्रदेश के 17 वस्त्र उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लाखों महिलाएं भी वस्त्र क्षेत्र से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।

2017 से पहले ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ का लगाया आरोप
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की पहचान ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ के रूप में बन गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि हर जिले में माफिया की समानांतर सरकार चलती थी। योगी ने कहा कि उस समय उत्तर प्रदेश के नागरिकों के सामने पहचान का संकट पैदा हो गया था और प्रदेश के बाहर लोग यहां के नागरिकों को किराये पर मकान या होटल में कमरा देने तक से कतराते थे।

कानपुर की कपड़ा मिलों का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानपुर की ऐतिहासिक कपड़ा मिलें भी उस समय की अराजक व्यवस्था की शिकार बनीं। उन्होंने मगहर की कताई मिल का उदाहरण देते हुए कहा कि यह मिल 1977 में बनी थी और 1997 में बंद हो गई। उन्होंने कहा कि बुनकरों और छोटे कपड़ा उद्यमियों को बैंक से ऋण मिलने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। डीबीटी व्यवस्था के अभाव में सरकारी योजनाओं का लाभ भी सही तरीके से नागरिकों और उद्यमियों तक नहीं पहुंचता था।

‘2017 के बाद यूपी में आया बड़ा बदलाव’
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में बड़ा बदलाव आया है और अब प्रदेश में कानून का राज है। उन्होंने कहा कि सरकार ने उद्योग और उद्यमिता के लिए बेहतर माहौल तैयार किया है।

रक्षा, स्वास्थ्य और कृषि में बढ़ रही टेक्निकल टेक्सटाइल की भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि कपड़ा उद्योग अब केवल धागे, कपड़े और फैशन तक सीमित नहीं है। टेक्निकल टेक्सटाइल का इस्तेमाल रक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कृषि और खेल जैसे क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को पारंपरिक वस्त्र उद्योग के साथ-साथ टेक्निकल टेक्सटाइल में भी अपनी ताकत बढ़ानी होगी। पीएम मित्र पार्क और संत कबीर टेक्सटाइल पार्क जैसी पहल इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
 

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