Edited By Ramanjot,Updated: 04 Sep, 2026 04:55 PM

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने लंबे समय से अनुपस्थित और लापरवाही के आरोपों से जुड़े मामलों की समीक्षा की और विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की अनदेखी करने और कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने के आरोप में 26 चिकित्सकों को बर्खास्त कर दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि लगातार ड्यूटी से गैरहाजिर रहने और चिकित्सीय दायित्वों का पालन नहीं करने वाले 26 चिकित्सकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। वहीं, उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना और चिकित्सीय कार्यों में लापरवाही के मामले में नौ अन्य डॉक्टरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने लंबे समय से अनुपस्थित और लापरवाही के आरोपों से जुड़े मामलों की समीक्षा की और विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई। पाठक ने एक बयान में कहा कि सरकारी अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों की प्राथमिक जिम्मेदारी मरीजों को समय पर, बेहतर और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि ड्यूटी से गैरहाजिर रहने या चिकित्सीय दायित्वों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अस्पतालों में चिकित्सकों की उपस्थिति, ओपीडी-आईपीडी सेवाओं और मरीजों को मिल रहे उपचार की नियमित निगरानी के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बयान के अनुसार, बर्खास्त किए गए डॉक्टर प्रदेश के फिरोजाबाद, अलीगढ़, गाजीपुर, हरदोई, महोबा, बुलंदशहर, लखनऊ, बलरामपुर, मथुरा, मिर्जापुर, झांसी, बरेली, गोरखपुर, सहारनपुर, मुरादाबाद, चंदौली, मैनपुरी, मऊ, सुलतानपुर और मुजफ्फरनगर समेत विभिन्न जिलों में तैनात थे।