मनीष हत्याकांड: जेल से ऑनलाइन हुई आरोपियों की पेशी, जेएन सिंह एंड कंपनी की 14 दिन की न्यायिक हिरासत बढ़ी

Edited By Umakant yadav,Updated: 18 Nov, 2021 12:55 PM

accused appeared online from jail 14 days judicial custody of jn singh

कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला सीबीआई को सौंपा गया है। इस मामले में सीबीआई पहली बार कोर्ट पहुंची और सभी आरोपियों के न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की।

गोरखपुरः कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला सीबीआई को सौंपा गया है। इस मामले में सीबीआई पहली बार कोर्ट पहुंची और सभी आरोपियों के न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की। सीजेएम न्यायालय ने आरोपी जेएन समेत 6 सिंह पुलिसकर्मियों की 14 दिन की ज्यूडिशियल रिमांड बढ़ाने की मंजूरी दे दी।
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गोरखपुर के दीवानी न्‍यायालय के सीजेएम कोर्ट में बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्‍यम से आरोपियों की पेशी हुई, जिसमें कानपुर एसआईटी के द्वारा तीसरी बार लिया गया 14 दिन की ज्यूडिशियल रिमांड बुधवार को यानी आज पूरी हो रही थी। इसके पहले ही सीजेएम ज्योत्सना यादव की कोर्ट में अर्जी दाखिल करने पहुंची सीबीआई की टीम के इंस्पेक्टर विवेक श्रीवास्तव ने 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा बढ़ाने के लिए आवेदन किया। जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए आरोपियों की 14 दिन की ज्यूडिशियल कस्टडी बढ़ा दी।
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बीआई मनीष हत्याकांड मामले के तह में जाने के लिए पिछले एक हफ्ते से गोरखपुर में है और घटना की छानबीन कर रही है। सीबीआई इस मामले में कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहती है। इसलिए एक-एक साक्ष्य पर गहन अध्ययन कर रही है। इस घटना से जुड़े सभी लोगों से बारीकी से पूछताछ कर रही है।
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वहीं, आरोपियों के अधिवक्‍ता पीके दुबे ने बताया कि चार्जशीट यही पर फाइल हो जाने के बाद ट्रायल दिल्ली शिफ्ट होगा। सीबीआई को पहली रिमांड से 90 दिन के भीतर चार्जशीट फाइल करनी होती है। 90 दिन पूरा नहीं हुआ है। सीबीआई के पास अभी पूरा समय है। सीबीआई लखनऊ की टीम जांच कर रही है। जांच करके यहां चार्जशीट फाइल करेगी। उसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दिल्‍ली ट्रायल ट्रांसफर होगा। आरोपियों को अभी दिल्ली ले जाने का कोई आदेश नहीं आया है।   
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जानिए क्या है मामला? 
गौरतलब हैं कि सोमवार रात रामगढ़ताल थाना क्षेत्र में एक होटल में कानपुर निवासी 36 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी मनीष गुप्ता अपने 2 दोस्तों प्रदीप और हरी चौहान के साथ ठहरे थे। देर रात पुलिस होटल में निरीक्षण के लिए पहुंची थी। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि तीन लोग गोरखपुर के सिकरीगंज स्थित महादेवा बाजार के निवासी चंदन सैनी के पहचान पत्र के आधार पर एक कमरे में ठहरे हुए हैं। संदेह होने पर पूछताछ के दौरान कथित रूप से पुलिस द्वारा पिटाई के बाद घायल मनीष की संदिग्ध हालात में गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई थी।
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मनीष की पत्नी मीनाक्षी ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी वजह से उनके पति की मृत्यु हुई है। हालांकि, पुलिस ने इस आरोप से इनकार करते हुए कहा कि मनीष नशे की हालत में था और पूछताछ के दौरान जमीन पर गिरने से उसके सिर में चोट आ गई थी, जिससे उसकी मृत्यु हुई। मनीष के साथ कमरे में ठहरे उसके दोस्तों ने बताया कि वे लोग गोरखपुर के रहने वाले कारोबारी चंदन सैनी के बुलावे पर आए थे। इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने रामगढ़ताल के थाना प्रभारी जेएन सिंह और फलमंडी थाना प्रभारी अक्षय मिश्रा समेत छह पुलिसकर्मी आरोपी हैं। फिलहाल इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई है।

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