सामूहिक हत्या मामले में 10 को आजीवन कारावास की सजा, जमीनी विवाद में दंपती समेत चार मासूमों की हुई थी हत्या

Edited By Ramkesh, Updated: 30 Apr, 2022 05:24 PM

10 sentenced to life imprisonment in mass murder case

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में 12 साल पूर्व में दंपती और उनके चार मासूमों की सामूहिक हत्या मामले में अदालत ने 10 आरोपियों को दोषी पाया है।  अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय सुनीता शर्मा की अदालत ने इस मामले में आरोपियों को आजीवन कारावास की कड़ी...

हमीरपुर: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में 12 साल पूर्व में दंपती और उनके चार मासूमों की सामूहिक हत्या मामले में अदालत ने 10 आरोपियों को दोषी पाया है।  अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय सुनीता शर्मा की अदालत ने इस मामले में आरोपियों को आजीवन कारावास की कड़ी सजा सुनाई है। आरोपियों पर साथ ही 10-10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। बता दें कि लालपुर थाना क्षेत्र के मोराकांदर गांव में 27 फरवरी 2010 को जगदीश (44), उसकी पत्नी बृजलता (38), पुत्र अजय प्रताप (14), अभय प्रताप (10) , गुड्डा उर्फ गुड्डू (3) और बेटी आकांक्षा  (12) की धारदार हथियार से सामूहिक हत्या कर दी गई थी।


गौरतलब है कि जमीनी विवाद के चलते गौरीशंकर माली उनके पुत्र सत्ते उर्फ सत्यप्रकाश व प्रेम प्रकाश,  कामता प्रसाद व उसका भाई ओमप्रकाश और चचेरे भाई धनंजय सिंह, अमित कुमार व उसका भाई सुमित कुमार और चचेरे भाई आशीष व संतोष भुर्जी के खिलाफ मृतक जगदीश सिंह के छोटे भाई अमर सिंह ने एफआईआर दर्ज कराई थी। तत्कालीन थानाध्यक्ष संजय सिंह ने 27 फरवरी 2010 को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। तभी से आरोपी जेल में ही हैं। किसी भी आरोपी को जमानत नहीं मिली है। वहीं, अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। हत्याकांड के पीछे मृतक जगदीश ने अपनी करीब सात बीघा जमीन का बैनामा आरोपी गौरीशंकर माली को किया था। जिस पर उसकी पत्नी बृजलता ने तहसीलदार के यहां आपत्ति लगा दी थी।
 

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