राम मंदिर चढ़ावा गबन मामला: चंपत राय के पूर्व ड्राइवर समेत 8 आरोपियों पर कोर्ट का नया फैसला, आज खुलेगा बड़ा राज

Edited By Anil Kapoor,Updated: 14 Jul, 2026 07:50 AM

ram temple offering case judicial custody of 8 accused extended till july 27

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में फैजाबाद की विशेष भ्रष्टाचार निवारण अदालत ने 8 आरोपियों की न्यायिक हिरासत सोमवार को 14 दिनों के लिए और बढ़ा दी। आरोपियों की पिछली न्यायिक हिरासत की अवधि सोमवार को समाप्त हो रही थी। अभियोजन...

Ayodhya News: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में फैजाबाद की विशेष भ्रष्टाचार निवारण अदालत ने 8 आरोपियों की न्यायिक हिरासत सोमवार को 14 दिनों के लिए और बढ़ा दी। आरोपियों की पिछली न्यायिक हिरासत की अवधि सोमवार को समाप्त हो रही थी। अभियोजन के अनुसार, आरोपियों को अपर जिला न्यायाधीश प्रतिभा नारायण की अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया, जहां से उन्हें 27 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अभियोजन पक्ष ने शुक्रवार को 2 आरोपियों रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और सुभाष श्रीवास्तव की पुलिस हिरासत की मांग की थी। अदालत इस मामले पर मंगलवार (14 जुलाई) को फैसला सुनाएगी।

'चंपत राय के पूर्व ड्राइवर के पास थीं चाबियां, बैंक कर्मी भी शामिल'
अभियोजन पक्ष के अनुसार, जांच के दौरान दोनों आरोपियों के बयानों से नई जानकारियां मिली हैं, जिससे तथ्यों की पुष्टि करने और मंदिर के चढ़ावे के कथित गबन से जुड़े सबूत बरामद करने के लिए उनकी पुलिस हिरासत जरूरी हो गई है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के पूर्व चालक टिन्नू यादव के पास कथित तौर पर दान पेटियों की चाबियां थीं, जबकि बैंक के पूर्व कर्मचारी सुभाष श्रीवास्तव चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया की निगरानी में शामिल थे। पुलिस पहले ही 4 आरोपियों अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय से अलग-अलग पुलिस रिमांड में पूछताछ कर चुकी है। पुलिस ने दावा किया है कि इस दौरान कथित चढ़ावा चोरी से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं।

वकीलों का केस लड़ने से इनकार, सरकार ने मुहैया कराई कानूनी मदद
विशेष जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर गिरफ्तार किए गए 8 आरोपियों में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रामाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव शामिल हैं। विशेष लोक अभियोजक उमेश दुबे ने बताया कि सभी आरोपियों को 29 जून को विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण) रजत वर्मा की अदालत में पेश किया गया था। पुलिस ने उस समय उनकी हिरासत की मांग नहीं की थी, जिसके बाद अदालत ने उन्हें 2 सप्ताह की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। फैजाबाद बार एसोसिएशन ने राम मंदिर मामले के आरोपियों का मुकदमा न लड़ने का फैसला किया था, इसलिए राज्य सरकार ने आरोपियों को कानूनी मदद मुहैया कराई है।

आरोपियों का केस लड़ा तो 5 लाख जुर्माना, बार एसोसिएशन का सख्त फैसला
पिछले सप्ताह सरकार ने राम मंदिर मामले के आरोपियों के लिए अभियोजन विभाग के एक पूर्व संयुक्त निदेशक को कानूनी बचाव पक्ष का वकील नियुक्त किया है। आरोपियों के लिए नियुक्त बचाव पक्ष के अधिवक्ता कुलशेखर सिंह अगले सप्ताह से आरोपियों की तरफ से मुकदमा लड़ना शुरू कर सकते हैं। बार एसोसिएशन ने यह भी फैसला किया कि अगर उसका कोई सदस्य राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के आरोपियों का मुकदमा लड़ने की कोशिश करता है, तो उस पर 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा और बार से उसकी सदस्यता खत्म कर दी जाएगी। कुलशेखर सिंह ने बताया कि वह फैजाबाद बार एसोसिएशन के सदस्य नहीं हैं, इसलिए वह आरोपियों का मुकदमा लड़ सकते हैं।

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