BJP दफ्तर से 'VIP' कल्चर की छुट्टी! पंकज चौधरी ने हटवाईं नेताओं की भारी-भरकम मेजें; अब कार्यकर्ताओं की लगेगी 'अदालत'

Edited By Anil Kapoor,Updated: 16 Feb, 2026 11:28 AM

saheb desks disappear from bjp office pankaj chaudhary s new formula

Lucknow News: उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी में अब एक नए युग की शुरुआत हो रही है। नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कमान संभालते ही संगठन का ढांचा बदलने की तैयारी कर ली है। उनका स्पष्ट संदेश है कि पार्टी में अब 'वीआईपी कल्चर' नहीं, बल्कि 'कार्यकर्ता...

Lucknow News (अशेवनी कुमार सिंह): उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी में अब एक नए युग की शुरुआत हो रही है। नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कमान संभालते ही संगठन का ढांचा बदलने की तैयारी कर ली है। उनका स्पष्ट संदेश है कि पार्टी में अब 'वीआईपी कल्चर' नहीं, बल्कि 'कार्यकर्ता कल्चर' चलेगा। 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने के लिए उन्होंने 'कार्यकर्ता सर्वप्रथम' का नया फार्मूला लागू किया है।

कार्यालय का बदला स्वरूप: मेजें हटीं, कुर्सियां बढ़ीं
पंकज चौधरी के नए प्रयोग की शुरुआत भाजपा मुख्यालय से ही हो गई है। दफ्तर से बड़े-बड़े मेज (टेबल) हटा दिए गए हैं, जो अक्सर नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच की दूरी का प्रतीक माने जाते थे। अब बड़े नेताओं और आम कार्यकर्ताओं के बीच कोई बाधा नहीं होगी। कार्यालय में कार्यकर्ताओं के बैठने के लिए अतिरिक्त कुर्सियां लगाई गई हैं, ताकि दूर-दराज से आने वाले कार्यकर्ताओं को सम्मान और जगह मिल सके।

पंकज चौधरी का 'त्रिकोण मॉडल' 
प्रदेश अध्यक्ष ने संगठन को मजबूत करने के लिए तीन मुख्य स्तंभों (Pillars) पर जोर दिया है:-
- संवादात्मक संगठन: कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के बीच निरंतर बातचीत।
- विकास की निगरानी: केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जमीनी हकीकत पर नजर।
- जनता से प्रत्यक्ष जुड़ाव: वोटर्स तक सीधे पहुंच बनाना और उनकी समस्याओं का समाधान करना।

हर जिले में होगा 'मासिक समीक्षा तंत्र'
संगठन में अनुशासन और जवाबदेही तय करने के लिए अब हर जिले में मासिक समीक्षा (Monthly Review) की जाएगी। इसमें यह देखा जाएगा कि सरकारी योजनाओं का लाभ कार्यकर्ताओं और आम जनता तक कितना पहुंच रहा है। पंकज चौधरी खुद कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनेंगे और उनका समाधान पार्टी फोरम पर ही किया जाएगा।

अनुशासन पर सख्ती और 2027 की रणनीति
पंकज चौधरी ने साफ कर दिया है कि अपनी बात रखने के लिए पार्टी फोरम ही सही जगह है। जो भी नेता या पदाधिकारी पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर बयानबाजी करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य 2027 के चुनाव से पहले कैडर के भीतर की किसी भी तरह की गुटबाजी या नाराजगी को खत्म करना है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!